उमेश तिवारी
हावड़ा : बाली थाना अंतर्गत स्थित महादेव जूट मिल एक महीने बंद रहने के बाद बुधवार को खुल गयी। मिल के खुलते ही श्रमिकों में खुशी की लहर दौड़ गयी। मिल खुलने का श्रेय बाली के विधायक डॉ. राणा चटर्जी को जाता है, जिनका अथक प्रयास रंग लाया।उल्लेखनीय है कि कच्चे माल की आपूर्ति नहीं होने का हवाला देकर मिल को बंद करने का नोटिस दिया गया था। मिल प्रबंधन ने कार्य स्थगन के तहत 18 मई की सुबह गेट बंद कर दिया। मिल के मुख्य द्वार पर कार्य स्थगन का नोटिस लगा दिया गया। महादेव जूट मिल के मजदूर जब पहली पारी में काम करने पहुंचे तो देखा कि मिल का मुख्य द्वार बंद है और जूट मिल के मुख्य द्वार पर कार्य स्थगन का नोटिस लगा हुआ है। इसके बाद मजदूरों ने जूट मिल के गेट पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
मिल के मजदूरों का कहना था कि प्रबंधन ने कच्चे माल की कमी दिखाकर मिल को बंद कर दिया। उनका कहना था कि लॉकडाउन के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जूट मिल मालिकों से मिल में 30 फीसदी मजदूरों को लेकर काम करने का निर्देश दिया था लेकिन मिल मालिकों ने कच्चे माल की कमी दिखाते हुए मिल को कार्य स्थगन के तहत बंद कर दिया। मिल में स्थाई और अस्थाई कुल मिलाकर तीन हजार मजदूर काम करते हैं जो लॉकडाउन के दौरान बेरोजगार हो गए थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विधायक बनते ही डॉ. राणा चटर्जी ने सबसे पहले मिल के श्रमिकों के लिए 15 दिनों की राशन की व्यवस्था कराई। इसके पश्चात मिल प्रबंधन से मिलकर मिल खुलवाने की कोशिश में लग गए और उनकी कोशिश रंग लायी। आज श्रमिकों में ख़ुशी देखी गयी।