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उपराष्ट्रपति के हाथों बीएसएफ दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के दो जवानों को मिला वीरता पदक

Sonu jha

कोलकाता : बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर, कोलकाता के दो जवानों को बुधवार को वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (पीएमजी) से अलंकृत किया गया। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित बीएसएफ के 20वें अलंकरण समारोह में मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दोनों जवानों को पदक प्रदान किया। पदक पाने वालों में बीएसएफ की 153वीं वाहिनी के कांस्टेबल आनंद ओरांव और 44वीं वाहिनी के कांस्टेबल सुंदर सिंह हैं। दोनों बहादुर जवानों ने बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर अलग-अलग घटनाओं में मवेशियों व मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए उत्कृष्ट बहादुरी दिखाई थी और अकेले तस्करों के समूह को चुनौती देते हुए डटकर मुकाबला किया था। 26 जनवरी 2022 को 73वें गणतंत्र दिवस पर दोनों को वीरता पदक देने की घोषणा की गई थी।

 

जलपाईगुड़ी के रहने वाले हैं आनंद ओरांव

 

वीरता पदक पाने वालों में कांस्टेबल आनंद ओरांव उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के गांव- तोतापाड़ा, बानरहाट के ही रहने वाले हैं। बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार, ओरांव को 2019 में बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में उनके विशिष्ट वीरतापूर्ण कार्य और साहस के लिए पदक से अलंकृत किया गया है। 2013 में बीएसएफ में भर्ती होने वाले ओरांव ने 20 अगस्त, 2019 को 153वीं बटालियन की सीमा चौकी गोबरधा में रात्रि ड्यूटी के दौरान भारत- बांग्लादेश सीमा पर अपने जीवन की परवाह किए बिना 20- 25 बांग्लादेशी तस्करों के झुंड से अकेले लोहा लिया था। तस्करों ने लाठी-डंडों, पत्थर और धारदार हथियारों से हमला कर दिया, लेकिन ओरांव ने न सिर्फ तस्करों के मंसूबों को नाकाम किया बल्कि मुठभेड़ में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल होने के वावजूद लड़ते रहे। घायल अवस्था में भी उन्होंने एक बांग्लादेशी तस्कर को पकड़ लिया और 10 मवेशियों को तस्करी से बचाया।

 

तस्करों से अकेले भिड़ गए थे सुंदर सिंह

 

वहीं, मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनू जिले के सूरजगढ़ के रहने वाले कांस्टेबल सुंदर सिंह ने 29 जनवरी, 2021 को मालदा जिले की सीमा पर पांच-छह तस्करों को अकेले चुनौती दी थी। तस्करों के मंसूबे नाकाम कर मुठभेड़ में घायल होने के बावजूद उन्होंने एक बांग्लादेशी तस्कर को दबोच लिया और भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामान भी जब्त किया था। इधर, दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के महानिरीक्षक (आइजी) आयुष मणि तिवारी, आइपीएस समेत सभी रैंकों के अधिकारियों ने वीरता पदक मिलने पर दोनों जवानों को बधाई देते हुए इसे फ्रंटियर की बड़ी उपलब्धि बताया है।

गौरतलब है कि हर साल गणतंत्र दिवस पर वीरता पदक सशस्त्र बलों व पुलिस के उन वीर जवानों व अधिकारियों को दिया जाता है जिन्होंने शत्रु का सामना करते हुए कर्तव्य के प्रति असीम समर्पण व अदम्य साहस का प्रदर्शन किया हो।

 

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