Breaking News

मालदा में बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने बढ़ाई तैयारियां, 333 मेडिकल कैंप सक्रिय

मालदा – पश्चिम बंगाल, बात हिंदुस्तान की।

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मानिकचक ब्लॉक और भूतनी दियारा क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रशासन के अनुसार मानिकचक में गंगा का जलस्तर करीब 26.5 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान के आसपास बताया जा रहा है। पानी के तेज बहाव के कारण नदी के तटवर्ती इलाकों में कटाव की स्थिति भी बनी हुई है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मालदा जिला प्रशासन और डिजास्टर मैनेजमेंट टीम ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है।

प्रशासन की ओर से राहत शिविरों, भोजन, चिकित्सा, पेयजल और अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था लगातार बढ़ाई जा रही है। मानिकचक क्षेत्र में राहत शिविरों की संख्या 9 से बढ़ाकर 11 कर दी गई है, जबकि सामुदायिक रसोई की संख्या 9 से बढ़ाकर 19 कर दी गई है। राहत शिविरों में रहने वाले लोगों की संख्या भी 3,020 से बढ़कर 4,325 हो गई है।

बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए पहले जहां 69 नावों का इस्तेमाल किया जा रहा था, वहीं अब 164 नावें लगाई गई हैं। तिरपाल की संख्या 16,311 से बढ़ाकर 42,324 कर दी गई है। स्पेशल जीआर चावल का वितरण 223 से बढ़कर 789 तक पहुंच गया है, जबकि डीएम किट 2,551 से बढ़ाकर 7,861 कर दी गई है।

प्रशासन की ओर से बिस्कुट का वितरण 135 किलोग्राम से बढ़ाकर 925 किलोग्राम, बेबी फूड 201 किलोग्राम से बढ़ाकर 455 किलोग्राम और सोयाबीन 204 किलोग्राम से बढ़ाकर 355 किलोग्राम किया गया है। वहीं, चूड़ा, मुढ़ी, गुड़, साबुन, हल्दी, सरसों तेल, सोया, बेबी मिल्क और मोमबत्ती समेत 11 जरूरी वस्तुओं वाले ड्राई फूड पैकेट का वितरण 5,355 से बढ़ाकर 49,965 कर दिया गया है। मच्छरदानी की संख्या भी 454 से बढ़ाकर 1,380 की गई है।

•333 मेडिकल कैंप सक्रिय

बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार मेडिकल कैंपों की संख्या 17 से बढ़ाकर 333 कर दी गई है। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है और अब तक 290 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

बाढ़ के दौरान सांप काटने की घटनाओं से निपटने के लिए 267 एंटी-वेनम किट वितरित की गई हैं। अस्थायी शौचालयों की संख्या भी 122 से बढ़ाकर 260 कर दी गई है। बाढ़ पीड़ितों के लिए पेयजल के 2 लाख 27 हजार वाटर पाउच वितरित किए जा चुके हैं।

•पशुओं के लिए भी स्वास्थ्य शिविर

बाढ़ से प्रभावित पशुओं के इलाज के लिए भी प्रशासन ने व्यवस्था की है। अब तक 12,320 पशुओं का उपचार किया जा चुका है। पशु स्वास्थ्य शिविरों की संख्या 22 से बढ़ाकर 114 कर दी गई है, जहां बाढ़ प्रभावित पशुओं का इलाज किया जा रहा है।

बिजली की व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी अतिरिक्त जनरेटर लगाए गए हैं। पहले जहां 7 जनरेटर उपलब्ध थे, वहीं अब पीडब्ल्यूडी की ओर से 33 और मालदा ब्लॉक प्रशासन की ओर से 47 जनरेटर उपलब्ध कराए गए हैं। इस तरह कुल 80 जनरेटर चालू हैं।

•मानिकचक और भूतनी दियारा सबसे ज्यादा प्रभावित

मानिकचक, रतनपुर, रतुआ और भूतनी दियारा के इलाकों को बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित बताया गया है। जिला प्रशासन की टीमें लगातार इन क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

मालदा के जिलाधिकारी रजनीवीर सिंह कपूर (आईएएस) ने कहा कि बाढ़ की स्थिति पर जिला प्रशासन की कड़ी नजर है। पिछले कुछ दिनों से लगातार राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। स्थानीय लोगों की सुविधा का हरसंभव ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा एवं जरूरतों पर प्रशासन का ध्यान है।

About editor

Check Also

उपचुनाव से पहले इंडियन सेक्युलर फ्रंट के विधायक नौशाद सिद्दीकी के खिलाफ चुनावी जानकारी को लेकर बड़े फर्जीवाड़े का आरोप

कोलकाता – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की। राष्ट्रीय चुनाव आयोग की ओर से ‘लिफाफा’ चुनाव …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *