–संघमित्रा सक्सेना, कोलकाता- पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
समीकरण बदलना ही राजनीति हैं। इस जटिल अंक में रिजल्ट क्या हो सकता है, वह समीकरण देखने से अंदाजा लगाया जा सकता है। अक्टूबर में होने जा रही है हाईवोल्टेज नंदीग्राम बाई पॉल इलेक्शन। इस बीच जब इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडियन ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की सिंबल को फ्रिज कर दिया है तब ममता का मास्टर स्ट्रोक सबको चौका दिया।
विश्वकर्मा पूजा के दिन पत्रकारों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- सिंबल चला गया, नंदीग्राम से टीएमसी उम्मीदवार संचिता प्रधान दे नॉमिनेशन वापस ले लिया। मां माटी मानुष के मां को ही छीन लिया लेकिन ममता बनर्जी इतनी जल्दी हार नहीं मानेगी। इसलिए नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का निर्णय ली है।
●पूर्व सीएम ममता बनर्जी की भाजपा के उद्देश्य में बातें
•भाजपा षड्यंत्र कर रही हैं। सत्यजीत रे की फिल्म “हीरक राजार देशे” की जिक्र करते हुए कहा कि दोरी धोरे मारो टान, राजा हबे खान खान।
•नंदीग्राम भाजपा को लेने नहीं देंगे।
•भाजपा के विरोध में जो बड़े अंक के वोटर है वह वॉटर जिससे कन्फ्यूज्ड ना हो और वोट, काटने से रोकने के लिए यह निर्णय।
●नंदीग्राम उपचुनाव कब है?
आगामी 6 अक्टूबर को नंदीग्राम उपचुनाव होने जा रही है। बता दें कि कांग्रेस हाईकमांड राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस की लोगो फ्रिज होने पर, इसकी निंदा किए थे। इसके उपरांत चुनाव के ठीक 2 हफ्ता चार दिन पहले ममता बनर्जी की कांग्रेस के प्रार्थी को समर्थन देना सामान्य बात नहीं है। दरअसल राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार ममता बनर्जी की यह निर्णय से भाजपा प्रार्थी हंसीरानी रथ के सामने चुनाव जीतना आसान नहीं होगा। बरमूडा ट्रायंगल की तरह बदल रही है पश्चिम बंगाल की राजनीतिक समीकरण। देखना यह है इसमें कौन डूबता है! और कौन उभरता है!
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