कोलकाता – पश्चिम बंगाल।
5 जुलाई, 2026 को सियालदह मंडल में बड़े पैमाने पर इंजीनियरिंग कार्यों के दौरान पूर्व रेलवे ने उत्कृष्ट परिचालन योजना का परिचय देते हुए हावड़ा मंडल में अत्यंत प्रभावी ‘शैडो ब्लॉक’ का सफलतापूर्वक उपयोग किया। इस समन्वित रणनीति के माध्यम से रेलवे ने उच्च मूल्य वाली परिसंपत्तियों के नवीनीकरण, ओवरहेड विद्युत उपकरणों की विश्वसनीयता में सुधार तथा मशीनों की सहायता से ट्रैक अनुरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य संपन्न किए, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त ब्लॉक अथवा अनावश्यक यात्रा विलंब का सामना नहीं करना पड़ा। यह व्यापक एवं समन्वित अवसंरचनात्मक उन्नयन पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के गतिशील नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिन्होंने सदैव यात्री सुविधा, सुरक्षा तथा पूरे रेलवे क्षेत्र में अनुरक्षण अवधि के सर्वोत्तम उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
हावड़ा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक विशाल कपूर के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में इंजीनियरिंग एवं ट्रैक्शन वितरण से संबंधित व्यापक कार्यों को अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से निष्पादित किया गया। प्रगति प्रतिवेदन के अनुसार, मंडल ने 6 टावर वैगनों की सहायता से 10 शैडो ब्लॉकों का प्रभावी उपयोग करते हुए ट्रैक्शन वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए। इस दौरान न्यूनतम 8.42 मि.मी. व्यास वाले 1,018 मीटर पुराने एवं घिस चुके कॉन्टैक्ट वायर, न्यूनतम 8.64 मि.मी. व्यास वाले 1,207 मीटर कॉन्टैक्ट वायर तथा न्यूनतम 8.58 मि.मी. व्यास वाले अतिरिक्त 400 मीटर कॉन्टैक्ट वायर का सफलतापूर्वक प्रतिस्थापन किया गया।
इसके अतिरिक्त, 78 स्थानों पर प्रत्यावर्ती धारा (एसी) ओवरहेड उपकरणों का वार्षिक ओवरहॉलिंग कार्य, 3 क्रॉसओवर का वार्षिक ओवरहॉलिंग, 1 टर्नआउट का वार्षिक ओवरहॉलिंग, 1 कैटेनेरी स्ट्रैंड कट की मरम्मत, 5 सेक्शन इंसुलेटरों का वार्षिक ओवरहॉलिंग, 2 आइसोलेटरों का वार्षिक ओवरहॉलिंग, भट्टटनगर/सब-सेक्शनिंग स्विचिंग पोस्ट पर 1 गैन्ट्री का वार्षिक ओवरहॉलिंग तथा 1 इंसुलेटर का प्रतिस्थापन सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इन कार्यों से ओवरहेड तारों में आकस्मिक खराबी की संभावनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा दैनिक यात्रियों के लिए निर्बाध और सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित होगा।
इसी दौरान वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर/स्थायी पथ/डानकुनि के निर्देशन में ट्रैक सुदृढ़ीकरण के व्यापक कार्य भी संपन्न किए गए, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित, तेज़ और आरामदायक यात्रा का अनुभव प्राप्त होगा। कोलकाता कॉर्ड लिंक पश्चिम–भट्टटनगर–बाल्टिकुरी डाउन अवॉइडेंस कोलकाता कॉर्ड लाइन पर प्रातः 07:20 बजे से 10:20 बजे तक (जिसे बढ़ाकर 10:50 बजे समाप्त किया गया) लिए गए ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान प्लासर क्विक रिलेइंग सिस्टम के माध्यम से 354 मीटर पूर्ण ट्रैक नवीनीकरण (प्राथमिक), 1 सेट थिक वेब स्विच एक्सपेंशन जॉइंट का नवीनीकरण, बैलास्ट क्लीनिंग मशीन द्वारा 364 मीटर गहन स्क्रीनिंग, मल्टी पर्पज़ टैम्पिंग मशीन से 928 मीटर ट्रैक पैकिंग, 86 मीटर अतिरिक्त रेल का नवीनीकरण तथा 12 अल्पकालिक प्री-हीटिंग एल्यूमिनो-थर्मिट वेल्डिंग कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए। साथ ही, कोलकाता कॉर्ड लिंक पश्चिम–डानकुनि जंक्शन खंड में 2 मल्टी पर्पज़ टैम्पिंग मशीनों तथा 1 डुओमैटिक मशीन की सहायता से व्यापक टैम्पिंग कार्य किया गया। इसके अंतर्गत अप कोलकाता कॉर्ड रेल लाइन पर 2.53 किलोमीटर तथा डाउन कोलकाता कॉर्ड रेल लाइन पर 2.78 किलोमीटर ट्रैक का टैम्पिंग कार्य पूरा किया गया। इसके अतिरिक्त, थिक वेब स्विच (63ए एवं 65ए) के 2 सेटों का रूपांतरण तथा टर्नआउट पर 70 मीटर रेल का नवीनीकरण भी किया गया। इन अत्याधुनिक मशीनों की सहायता से किए गए ट्रैक उन्नयन कार्यों से नियमित घिसावट में कमी आएगी, गति प्रतिबंधों को हटाने में सहायता मिलेगी तथा यात्रियों को अधिक सुगम, झटकों से मुक्त और आरामदायक यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।
इस उपलब्धि पर पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझी ने कहा, “सियालदह मंडल के मेगा ब्लॉक के साथ-साथ हावड़ा मंडल में व्यापक शैडो वर्क को समानांतर रूप से निष्पादित कर हमने ट्रैक तथा ओवरहेड विद्युत परिसंपत्तियों का उन्नयन यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त असुविधा के सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह रणनीतिक अनुरक्षण न केवल यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करेगा, बल्कि दीर्घकाल में समयपालन और परिचालन दक्षता को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।”
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