हावड़ा – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
●उच्चस्तरीय समन्वय बैठक में पंपिंग क्षमता, ड्रेनेज उन्नयन और दीर्घकालिक वर्षाजल प्रबंधन पर विशेष जोर
पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडेय के मार्गदर्शन में गुरुवार को पूर्व रेलवे के हावड़ा मंडल और हावड़ा नगर निगम के बीच एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक हावड़ा, विशेषकर हावड़ा रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जलजमाव की समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में पूर्व रेलवे के हावड़ा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक विशाल कपूर, हावड़ा नगर निगम की आयुक्त तेजस्वी राणा, शैलेश, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर/मुख्यालय एवं लाईन/हावड़ा, हावड़ा नगर निगम के सलाहकार अजय सिंह के साथ हावड़ा मंडल के शाखा अधिकारियों, हावड़ा नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों, राज्य एजेंसियों तथा अन्य संबंधित हितधारकों ने विस्तृत विचार-विमर्श में भाग लिया।
बैठक में हावड़ा तथा आसपास के क्षेत्रों, जिनमें रेलवे क्षेत्र भी शामिल हैं, के लिए एक एकीकृत, दीर्घकालिक और तकनीकी रूप से सक्षम ड्रेनेज नेटवर्क विकसित करने पर चर्चा की गई। विशेष रूप से भारी बारिश के दौरान जलजमाव रोकने, जल निकासी क्षमता बढ़ाने, पंपिंग व्यवस्था को मजबूत करने तथा अतिरिक्त पानी की प्रभावी निकासी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने आसपास के नगर निगम क्षेत्रों से रेलवे परिसर में प्रवेश करने वाले पानी के प्रवाह, सीमित ऊँचाई के सबवे वाले स्थानों पर जलजमाव तथा विभिन्न ड्रेनेज बाधाओं की व्यापक समीक्षा की गई। यह निर्णय लिया गया कि रेलवे और राज्य/ हावड़ा नगर निगम के अधिकारी संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों, जिसमें रेलवे क्षेत्र भी शामिल हैं, का विस्तृत निरीक्षण करेंगे, ताकि जलजमाव के वास्तविक कारणों की पहचान की जा सके और पानी के प्रवाह के मार्गों का निर्धारण किया जा सके। अधिकारियों ने सहमति व्यक्त की कि पूरे ड्रेनेज नेटवर्क का व्यवस्थित रूप से पता लगाया जाना चाहिए और, जहाँ संभव हो, इसे हुगली नदी की ओर अंतिम आउटफॉल तक ट्रेस किया जाना चाहिए, ताकि जल निकासी में आने वाली बाधाओं की पहचान कर उनका समन्वित तरीके से समाधान किया जा सके।
मुख्य रूप से मैनकापाड़ा और गोलाबाड़ी स्थित पंपिंग स्टेशनों की कार्यप्रणाली और क्षमता पर भी चर्चा की गई। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पंपिंग क्षमता स्थापित करने की व्यवहार्यता की जांच की जाएगी। हावड़ा मंडल द्वारा पहले ही एक ऑनलाइन स्वचालित पंपिंग मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया जा चुका है। यह प्रणाली पंपिंग मशीनों की परिचालन स्थिति के साथ-साथ जलस्तर की जानकारी उपलब्ध कराती है, जिससे वास्तविक समय में निगरानी, पंपिंग संबंधी समस्याओं का त्वरित पता लगाने और भारी बारिश के दौरान समय पर कार्रवाई करने में सहायता मिलती है। बैठक का उद्देश्य में दोनों संगठनों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान करना भी था, ताकि आम जनता के हित में संयुक्त रूप से बेहतर समाधान विकसित किए जा सकें।
रानी झील, बामनगाछी और लिलुआ के आसपास की ड्रेनेज व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। इसमें जल निकासी को बेहतर बनाने, जल संचयन की क्षमता बढ़ाने तथा समग्र ड्रेनेज नेटवर्क को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। हावड़ा नगर निगम, कोलकाता महानगर विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से कोना मोड़ की दिशा में ड्रेनेज कनेक्शन को मजबूत करने तथा हुगली नदी की ओर उपयुक्त आउटफॉल विकसित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। अस्थायी रूप से अतिरिक्त पानी के भंडारण के लिए उपयुक्त तालाबों और झीलों के उपयोग तथा आउटफॉल की निगरानी के लिए ड्रोन आधारित मॉनिटरिंग की संभावना पर भी विचार किया गया।
इसके अतिरिक्त, बैठक में नालों की सफाई, अवरोधों की रोकथाम, कार शेड क्षेत्र में जमा कचरे को हटाने तथा बाली, डॉब्सन रोड, चर्च रोड, दशरथ घोष लेन, चांदमारी ब्रिज और टिकियापाड़ा सहित विभिन्न स्थानों से संबंधित समस्याओं की भी समीक्षा की गई।
रेलवे और नागरिक प्रशासन के अधिकारियों ने ड्रेनेज लाइनों को व्यवस्थित तरीके से दुरुस्त करने के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने पर सहमति व्यक्त की। इसका उद्देश्य एक टिकाऊ और एकीकृत ड्रेनेज नेटवर्क तैयार करना, पंपिंग एवं जल निकासी क्षमता में सुधार करना, जलजमाव को रोकना तथा भारी बारिश के दौरान जल प्रबंधन को सुनिश्चित करना है।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझक ने कहा कि – “यह संयुक्त पहल और तकनीकी एकीकरण भारी बारिश के दौरान रेलवे यात्रियों और स्थानीय निवासियों, दोनों को जलजमाव से दीर्घकालिक राहत सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
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