–पुष्पा शाव, सिंगूर – हुगली – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और चंदननगर के पूर्व विधायक इंद्रनील सेन की सिंगूर स्थित बागानबाड़ी ‘मोहर’ में मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने छापेमारी की। ईडी अधिकारी केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ तीन गाड़ियों में सिंगूर के बागडांगा-छिनामोर ग्राम पंचायत के छुटीपुर गांव पहुंचे और बागानबाड़ी में प्रवेश कर तलाशी अभियान चलाया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, करीब सात-आठ वर्ष पहले इंद्रनील सेन ने लगभग दो एकड़ जमीन खरीदकर यहां बागानबाड़ी का निर्माण कराया था, जिसका नाम ‘मोहर’ रखा गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि समय-समय पर यहां उनका काफिला और बाहरी लोगों का आना-जाना लगा रहता था।
बताया जा रहा है कि ईडी यूनेस्को के नाम का इस्तेमाल कर दुर्गापूजा के दौरान टिकट बिक्री के जरिए कथित तौर पर करोड़ों रुपये की वसूली से जुड़े मामले की जांच कर रही है। इसी जांच के तहत मंगलवार सुबह इंद्रनील सेन के कसबा स्थित आवास समेत उनकी विभिन्न संपत्तियों पर भी ईडी की तलाशी की खबर है।
ईडी की कार्रवाई की खबर फैलते ही सिंगूर के छुटीपुर इलाके में हलचल बढ़ गई। स्थानीय ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘मोहर’ के सामने प्रदर्शन करते हुए पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी की मांग की।
स्थानीय निवासी शचीन विश्वास ने कहा कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने बागानबाड़ी और वहां हुए निर्माण को लेकर भी जांच की मांग की।
वहीं, सिंगूर मंडल-2 के मंडल अध्यक्ष उज्ज्वल खामारू ने आरोप लगाया कि लंबे समय से ‘मोहर’ को केंद्र कर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि बागानबाड़ी तक पहुंचने के लिए पंचायत के पैसों से सड़क बनाई गई, जिससे इलाके की जल निकासी व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
●नोट: स्थानीय लोगों और प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वक्ताओं के बयानों की जिम्मेदारी संबंधित पक्षों की होगी।
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