–पुष्पा शाव, आरामबाग/हुगली – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
नेपाल में आए भीषण प्राकृतिक संकट के बीच आरामबाग से घूमने गए 65 पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर परिवारों की चिंता बढ़ गई है। पर्यटकों को लेकर गई बस फिलहाल नेपाल के चैतन पार्क इलाके में रुकी हुई है। बताया जा रहा है कि यह स्थान आपदा प्रभावित क्षेत्र से करीब 120 किलोमीटर दूर है।
24 अगस्त को आरामबाग से 65 पर्यटकों का दल नेपाल के लिए रवाना हुआ था। करीब 8–9 दिनों के इस टूर में चितवन पार्क समेत कई पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने की योजना थी। लेकिन नेपाल में अचानक आई प्राकृतिक आपदा और कई इलाकों में सड़क तथा संचार व्यवस्था प्रभावित होने के बाद पर्यटकों के परिवारों की चिंता बढ़ गई।
बुधवार सुबह से परिवार के लोग अपने परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन नेपाल में नेटवर्क की समस्या के कारण लगातार बातचीत नहीं हो पा रही थी। बाद में शाम के समय कुछ पर्यटकों से संपर्क होने के बाद परिवारों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन चिंता अभी भी बनी हुई है।
परिजनों की मांग है कि पर्यटन यात्रा को आगे बढ़ाने के बजाय सभी 65 पर्यटकों को जल्द से जल्द सुरक्षित आरामबाग वापस लाया जाए। परिवारों का कहना है कि जब नेपाल के कई इलाकों में प्राकृतिक आपदा के कारण स्थिति सामान्य नहीं है, तो ऐसे समय में पर्यटकों का सुरक्षित घर लौटना सबसे जरूरी है।
वहीं, बस मालिक भी पूरे मामले को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने बस के चालक, स्टाफ और पर्यटकों से संपर्क कर जल्द वापस लौटने की बात कही है। उनका कहना है कि जीवन और सुरक्षा सबसे पहले है, इसलिए पर्यटकों को जल्द सुरक्षित वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल सभी 65 पर्यटकों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन नेटवर्क और सड़क संपर्क की समस्या के कारण परिवार लगातार अपने परिजनों के संपर्क में रहने की कोशिश कर रहे हैं। आरामबाग में हर परिवार अब यही उम्मीद कर रहा है कि सभी पर्यटक जल्द और सुरक्षित अपने घर लौटें।
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