–पुष्पा शाव, चंदननगर – हुगली – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
●मल्टीनेशनल IT कंपनी की नौकरी छोड़ साइबर ठगी में उतरा युवक
एक बार फिर चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की साइबर टीम ने देश के अलग-अलग राज्यों में कथित तौर पर साइबर ठगी करने वाले 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की उम्र करीब 22 से 45 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में उत्तरपाड़ा का एक युवक भी शामिल है। बताया जा रहा है कि युवक ने इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद एक नामी मल्टीनेशनल IT कंपनी में नौकरी की थी। हालांकि, बाद में उसने नौकरी छोड़ दी और कथित तौर पर साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड, चेकबुक, बैंक पासबुक, तीन मोबाइल फोन और सात सिम कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। शिकायत मिलने के बाद चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर थाने ने जांच शुरू की और जांच के दौरान इस नेटवर्क का पता लगाया गया।
डीसी डीडी रूपांतर सेनगुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के घर अलग-अलग स्थानों पर हैं। जांच के हित में फिलहाल उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों में कुछ लोग एक-दूसरे को जानते थे, जबकि कुछ का आपस में कोई सीधा परिचय नहीं था। हालांकि, कथित अपराध करने का तरीका काफी हद तक एक जैसा था।
पुलिस के मुताबिक, कभी WhatsApp या SMS के जरिए लिंक भेजकर, तो कभी मदद करने के बहाने लोगों को कथित तौर पर ठगी का शिकार बनाया जाता था।
पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क जामताड़ा गैंग की तर्ज पर काम कर रहा था और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। नेटवर्क के देशभर में फैले होने के कारण पूरे गिरोह तक पहुंचने में समय लग सकता है।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों से और कितनी रकम की कथित ठगी की है। पुलिस की ओर से लोगों को लगातार साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
डीसी डीडी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी साझा न करें और किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
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