कोलकाता – पश्चिम बंगाल।
हर बार जब कोई ट्रेन पटरियों पर सहजता से दौड़ती है, तो उसके पीछे भारतीय रेल के उन अथक प्रयासों का योगदान होता है, जो यात्रियों की सुरक्षित, तेज़ और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करते हैं। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के दूरदर्शी नेतृत्व में, जोन ने वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल–जून) के दौरान ट्रैक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु रखरखाव एवं नवीनीकरण कार्यों में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की। यात्रियों के लिए इस व्यापक सुरक्षा अभियान का अर्थ है—ट्रैक संबंधी दुर्घटनाओं की संभावना में उल्लेखनीय कमी, विलंब की आशंका में कमी तथा अधिक सुगम एवं कंपन-मुक्त यात्रा का अनुभव।
इस उन्नयन अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उपनगरीय क्षेत्र में संचालित किया गया, जिसकी निगरानी आसनसोल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक संग्रह मौर्य द्वारा की गई। इंजीनियरिंग टीमों ने चौबीसों घंटे कार्य करते हुए 22.655 ट्रैक किलोमीटर प्राथमिक रेल नवीनीकरण, 19.09 ट्रैक किलोमीटर प्राथमिक स्लीपर नवीनीकरण, 18.302 ट्रैक किलोमीटर थ्रू बैलेस्ट नवीनीकरण तथा 16 थ्रू टर्नआउट नवीनीकरण सफलतापूर्वक पूरे किए। यात्रा को और अधिक निर्बाध बनाने के लिए पूर्व रेलवे ने ट्रैक के विभिन्न घटकों की गुणवत्ता एवं सटीकता पर विशेष ध्यान दिया। इस दौरान 21 न्यू वेब स्विच, 23 थिक वेब स्विच, 33 मशीन्ड स्टील विंग क्रॉसिंग तथा 18 कास्ट मैंगनीज़ स्टील क्रॉसिंग स्थापित किए गए। इसके अतिरिक्त 3 डायमंड क्रॉसिंग का नवीनीकरण, 47 थिक वेब स्विच एक्सपेंशन जॉइंट की व्यवस्था तथा 240 ग्लूड जॉइंट्स का नवीनीकरण किया गया। घर्षणजनित जंग से बचाव हेतु 6,68,005 इलास्टिक रेल क्लिप में ग्रीसिंग की गई तथा पारंपरिक रेल जोड़ से उत्पन्न झटकों को समाप्त करने के लिए 2,643 रेल जोड़ों की वेल्डिंग की गई। ट्रैक की समुचित ज्यामिति सुनिश्चित करने एवं आंतरिक दोषों की समय रहते पहचान के लिए 458.35 ट्रैक किलोमीटर प्लेन ट्रैक टैम्पिंग, 99 टर्नआउट टैम्पिंग तथा 1,441.72 ट्रैक किलोमीटर रेल पर उन्नत अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन परीक्षण किया गया। वहीं, अत्यधिक गर्मी के दौरान रेल में बकलिंग की संभावना को रोकने हेतु 101.85 ट्रैक किलोमीटर डी-स्ट्रेसिंग तथा बेहतर जल निकासी के लिए 20.91 किलोमीटर शोल्डर बैलेस्ट क्लीनिंग भी संपन्न की गई।
पिछले वर्षों की तुलना में पहली तिमाही के दौरान पूर्व रेलवे का प्रदर्शन लगभग सभी प्रमुख मानकों पर नए कीर्तिमान स्थापित करने वाला रहा। प्राथमिक रेल नवीनीकरण दो वर्ष पूर्व 10.23 ट्रैक किलोमीटर तथा पिछले वर्ष 12.65 ट्रैक किलोमीटर से बढ़कर इस वर्ष 22.655 ट्रैक किलोमीटर हो गया। प्राथमिक स्लीपर नवीनीकरण दो वर्ष पूर्व 11.74 ट्रैक किलोमीटर और पिछले वर्ष 9.06 ट्रैक किलोमीटर की तुलना में बढ़कर 19.09 ट्रैक किलोमीटर रहा। इसी प्रकार न्यू वेब स्विच का नवीनीकरण दो वर्ष पूर्व 6, पिछले वर्ष 17 तथा इस वर्ष 21 तक पहुंचा। विंग क्रॉसिंग का नवीनीकरण दो वर्ष पूर्व 6, पिछले वर्ष 16 और इस वर्ष बढ़कर 33 हो गया। डायमंड क्रॉसिंग नवीनीकरण दो वर्ष पूर्व 5, पिछले वर्ष शून्य तथा इस वर्ष 3 रहा। थिक वेब स्विच एक्सपेंशन जॉइंट की व्यवस्था दो वर्ष पूर्व 8 सेट, पिछले वर्ष 11 सेट से बढ़कर इस वर्ष 47 सेट तक पहुंच गई। रेल जोड़ों की वेल्डिंग दो वर्ष पूर्व 974, पिछले वर्ष 1,137 तथा इस वर्ष बढ़कर 2,643 हो गई। ट्रैक डी-स्ट्रेसिंग दो वर्ष पूर्व 38.67 ट्रैक किलोमीटर, पिछले वर्ष 88.963 ट्रैक किलोमीटर और इस वर्ष 101.85 ट्रैक किलोमीटर रही। प्लेन ट्रैक टैम्पिंग दो वर्ष पूर्व 472.35 ट्रैक किलोमीटर, पिछले वर्ष 350.83 ट्रैक किलोमीटर तथा इस वर्ष 458.35 ट्रैक किलोमीटर दर्ज की गई। अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन रेल परीक्षण दो वर्ष पूर्व 1191.222 ट्रैक किलोमीटर, पिछले वर्ष 1343.37 ट्रैक किलोमीटर से बढ़कर इस वर्ष 1441.72 ट्रैक किलोमीटर तक पहुंच गया। वहीं टर्नआउट टैम्पिंग दो वर्ष पूर्व 248, पिछले वर्ष 143 तथा इस तिमाही में 99 रही।
ट्रैक उन्नयन के साथ-साथ जनसुरक्षा एवं स्थानीय सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई संरचनात्मक कार्य भी पूरे किए गए। सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए समपार फाटक संख्या 17 एवं 08 पर दो सीमित ऊँचाई वाले सबवे का निर्माण कर समपार फाटकों को समाप्त किया गया। स्वच्छ एवं सुरक्षित रेलवे परिसर सुनिश्चित करने के लिए बराकर में 140 अतिक्रमण हटाए गए।
यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से जामताड़ा, सीतारामपुर तथा मधुपुर स्टेशनों पर स्थित 3 परित्यक्त फुट ओवर ब्रिज को हटाया गया, जबकि विद्यासागर स्टेशन पर एक नए फुट ओवर ब्रिज के गर्डर का सफलतापूर्वक लॉन्चिंग कार्य संपन्न किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने हेतु दुर्गापुर तथा आसनसोल में रेलवे सुरक्षा बल महिला बैरकों का उद्घाटन एवं कमीशनिंग की गई। इसके अतिरिक्त कुल्टी और बराकर के बीच स्थित रोड ओवर ब्रिज संख्या 9ए को हटाकर लंबे समय से चली आ रही सड़क यातायात की बाधा को दूर किया गया।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझी ने कहा, “हमारा लक्ष्य तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—सुरक्षित ट्रैक, सुगम यात्रा और सुरक्षित भविष्य। आधुनिक तकनीकों के उपयोग, जर्जर संरचनाओं को हटाने तथा रेलवे परिसंपत्तियों के तीव्र नवीनीकरण के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ट्रेनें सुरक्षित रूप से अपनी निर्धारित गति से संचालित हों, जिससे यात्रियों को अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव प्राप्त हो।”
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