–देबाशीष गुच्छैत, हावड़ा – पश्चिम बंगाल।
समाजसेवा में महिलाओं की भूमिका केवल परिवार और घर-गृहस्थी तक सीमित नहीं है, इसका एक और उदाहरण रविवार को हावड़ा के सांकराइल स्थित महियाड़ी-1 ग्राम पंचायत में देखने को मिला। महियाड़ी-1 ग्राम पंचायत के खाटिर बाजार स्थित यशोदा भवन में महिलाओं की पहल पर एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस मानवीय पहल की क्षेत्र के लोगों ने सराहना की।
आयोजकों में शामिल काकली नस्कर ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले आठ महिलाओं ने समाजसेवा के उद्देश्य से एकजुट होकर काम शुरू किया था। इसके बाद से वे वृक्षारोपण, जरूरतमंद बच्चों को कपड़े और खाद्य सामग्री वितरण सहित कई सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। उनके प्रयासों से प्रेरित होकर संगठन से जुड़ने वालों की संख्या लगातार बढ़ती गई। बाद में संगठन का नाम “महियाड़ी पाथेय वूमेन वेलफेयर एसोसिएशन” रखा गया। इसी संगठन के बैनर तले इस वर्ष 70 यूनिट रक्त संग्रह के लक्ष्य के साथ रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। काकली नस्कर ने बताया कि यह लगातार तीसरा वर्ष है जब संगठन रक्तदान शिविर का आयोजन कर रहा है।
कार्यक्रम में प्रमुख समाजसेवी सुभ्रत राय, महियाड़ी-1 ग्राम पंचायत की प्रधान मंगला राय, सुभ्रत बाग सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समाजसेवी सुभ्रत राय ने कहा कि उनका भी एक स्वयंसेवी संगठन है, जो पूरे वर्ष समाज कल्याण के कार्य करता है। उन्होंने महिलाओं की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी सामाजिक कार्य में आवश्यकता पड़ने पर वे हरसंभव सहयोग करेंगे।
सुभ्रत बाग ने कहा, “जो महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ समाजसेवा जैसे महान कार्यों से भी जुड़ी हैं, उनका यह प्रयास वास्तव में प्रशंसनीय है। रक्त का महत्व वही समझ सकता है, जिसने अस्पताल में किसी अपने की जान बचाने के लिए रक्त की तलाश की हो। इसलिए स्वैच्छिक रक्तदान निस्संदेह एक महान मानवीय सेवा है।”
स्थानीय लोगों का मानना है कि समाज के कल्याण के लिए महिलाओं की यह पहल केवल एक रक्तदान शिविर तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और मानव सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है।
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