डोमजूर – हावड़ा – पश्चिम बंगाल।
हावड़ा के डोमजूर थाना क्षेत्र के बाकरा में आयोजित सीपीएम की जनसभा में पार्टी नेता एवं प्रवक्ता सतरूप ने तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों पर तीखा हमला बोला। संवाददाताओ के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने वर्षों तक भ्रष्ट और आपराधिक तत्वों को संरक्षण दिया, जिसका परिणाम अब पार्टी को भुगतना पड़ रहा है।
मदन मित्र समेत तृणमूल नेताओं के पार्टी छोड़ने के सवाल पर सतरूप ने कहा कि “ममता बनर्जी के साथ आखिर बचा ही कौन है? हम पिछले 15 वर्षों से कहते आ रहे हैं कि यदि आप चोरों को पालेंगे तो जब ईडी और सीबीआई का बुलावा आएगा, तब उन्हें जांच एजेंसियों के सामने जाना ही पड़ेगा। इससे बचने का कोई रास्ता नहीं है। ममता बनर्जी ने चोरों को संरक्षण दिया है और आज उसी का परिणाम उन्हें भुगतना पड़ रहा है।”
उन्होंने डोमजूर की राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2011 के बाद भाजपा को रोकने के नाम पर तृणमूल ने ऐसे नेताओं को आगे किया, जो बाद में भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि पहले राजीव बनर्जी भाजपा में चले गए और बाद में तापस माइती अभिजीत के बाद भाजपा की संरक्षण में चले गए। उनके अनुसार, डोमजूर में वामपंथी राजनीति को जानबूझकर दबाया गया ताकि वोट न बंटे, लेकिन अंततः इसका परिणाम पूरे बंगाल की जनता ने दिया है उन्हें।
भाजपा पर कटाक्ष करते हुए सतरूप ने कहा कि भाजपा ने दावा किया था कि दोपहर 12 बजे के बाद किसी अन्य दल के नेताओं को पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा, लेकिन शाम होते-होते वही नेता भाजपा में शामिल होते दिखाई दिए।
बरूईपुर मामले में सीपीएम नेता की गिरफ्तारी पर भाजपा नेता राहुल सिन्हा के बयान का जवाब देते हुए सतरूप ने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी भी दल के नेता का नाम सामने आता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “यदि जांच के दायरे में राहुल सिन्हा भी आते हैं तो उन्हें भी कानून के अनुसार जेल जाना होगा। यह पूरी तरह जांच का विषय है।”
हावड़ा से बैंक धोखाधड़ी मामले में व्यवसाय समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी और उनकी तस्वीरें भाजपा नेताओं के साथ वायरल होने के सवाल पर सतरूप ने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में सामने आ रहे कई वित्तीय घोटालों और धोखाधड़ी के मामलों में भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आते रहे हैं।
राज्य सरकार के प्रस्तावित ‘गुंडा दमन कानून’ पर भी उन्होंने कड़ा विरोध जताया। सतरूप ने आरोप लगाया कि यह कानून वास्तव में “विरोधी दमन कानून” है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताजी को गुंडा और गोपाल पाठा को मसीहा मानती है यह बीजेपी का चरित्र है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कानून के खिलाफ सीपीएम सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी और जब तक इस पर रोक नहीं लगती, तब तक सड़क पर आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, “जरूरत पड़ी तो हम जेल भी जाएंगे और जेल से निकलने के बाद फिर सड़क पर उतरकर लोकतांत्रिक आंदोलन करेंगे। हम तृणमूल कांग्रेस की तरह चोरी करके राजनीति नहीं करते, बल्कि जनता के बीच संघर्ष करके राजनीति करते हैं।”
सभा के दौरान सीपीएम नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था और विपक्ष के खिलाफ कथित राजनीतिक कार्रवाई को लेकर भी राज्य सरकार और भाजपा पर तीखे आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
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