लेह – लद्दाख।
भारत की धीरज (एंड्योरेंस) खेल जगत में एक और गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है। बिहार के सारण जिले की बेटी एवं अंतरराष्ट्रीय एंड्योरेंस एथलीट सबिता महतो ने लेह से विश्व के सबसे ऊँचे मोटरेबल दर्रे मिग ला पास (लगभग 19,400 फीट की ऊँचाई) तक 265 किलोमीटर की अल्ट्रा रन मात्र 6 दिनों में पूरी कर नया इतिहास रच दिया है।
इस अभियान के दौरान उन्हें ऑक्सीजन की कमी, कड़ाके की ठंड, तेज़ बर्फीली हवाओं, दुर्गम पहाड़ी रास्तों और लगातार बदलते मौसम जैसी कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा। शारीरिक और मानसिक दृढ़ता का अद्भुत परिचय देते हुए सबिता ने इस चुनौतीपूर्ण अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया।
सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवार से आने वाली सबिता महतो ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और अटूट इच्छाशक्ति के बल पर देश की प्रमुख एंड्योरेंस एथलीटों में अपनी पहचान बनाई है। इससे पहले वर्ष 2022 में उन्होंने नई दिल्ली से विश्व के सबसे ऊँचे मोटरेबल रोड उम्लिंग ला पास तक लगभग 1,200 किलोमीटर की एकल साइकिल यात्रा पूरी कर इतिहास रचा था। इसके बाद उन्होंने मनाली से उम्लिंग ला पास तक लगभग 570 किलोमीटर की अल्ट्रा रन भी सफलतापूर्वक पूरी की। इसके अलावा उन्होंने माउंट एवरेस्ट अभियान में भी हिस्सा लेकर अपने साहस और संकल्प का परिचय दिया।
सबिता का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल एक कठिन अल्ट्रा रन पूरी करना नहीं था, बल्कि देश के युवाओं, विशेषकर बेटियों को यह संदेश देना था कि यदि सपने बड़े हों और उन्हें पूरा करने का साहस हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकते।
उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, टीम, शुभचिंतकों और सहयोगियों के साथ-साथ सुलभ इंटरनेशनल और पाथ फाउंडेशन को दिया। साथ ही भारतीय सेना, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) के प्रोजेक्ट हिमांक, लद्दाख प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, पुलिस तथा सभी संबंधित सरकारी विभागों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
मिग ला पास अल्ट्रा रन की इस ऐतिहासिक सफलता के साथ सबिता महतो ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर दुनिया की सबसे कठिन चुनौतियों को भी जीता जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
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