तारकेश्वर, हुगली – पश्चिम बंगाल।
■गंगाजल लेकर पैदल तारकेश्वर पहुंचे कांवड़िये, ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ से गूंजा बाबा तारकनाथ का दरबार
सावन की दूसरी सोमवारी के अवसर पर आज तारकेश्वर धाम में श्रद्धा और आस्था का महासैलाब देखने को मिला। बाबा तारकनाथ के जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िये तारकेश्वर पहुंचे।
कांवड़ियों की इस पवित्र यात्रा की शुरुआत मुख्य रूप से हुगली जिले के बैद्यबाती स्थित निमाई तीर्थ घाट से होती है, जहां श्रद्धालु गंगा से पवित्र जल उठाते हैं। इसके अलावा अलग-अलग गंगा घाटों से भी श्रद्धालु जल लेकर बाबा तारकनाथ के दरबार के लिए रवाना होते हैं।
गंगाजल को कांवड़ में लेकर श्रद्धालु बैद्यबाती से तारकेश्वर की ओर करीब 40 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं। रास्ते में विभिन्न इलाकों और सेवा शिविरों से होकर गुजरते हुए कांवड़िये अपनी यात्रा जारी रखते हैं और अंत में तारकेश्वर पहुंचकर बाबा तारकनाथ का जलाभिषेक करते हैं।
आज दूसरी सोमवारी के मौके पर तारकेश्वर मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्त कतार में खड़े नजर आए, वहीं कांवड़ियों के ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा तारकेश्वर धाम भक्तिमय हो उठा।
कांवड़िये पूरी श्रद्धा के साथ बाबा तारकनाथ को गंगाजल अर्पित कर सुख-शांति और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते दिखाई दिए। सावन के महीने में हर सोमवार तारकेश्वर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा तारकनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मेला प्रबंधन की ओर से सुरक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा, यातायात और सेवा शिविर जैसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
सावन की दूसरी सोमवारी पर तारकेश्वर धाम में भक्ति, आस्था और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों का अद्भुत नजारा देखने को मिला।
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