हावड़ा – पश्चिम बंगाल।
●शालीमार में दुकान कब्जे को लेकर दो गुटों में मारपीट, मंडल उपाध्यक्ष अस्पताल में भर्ती
सत्ता में आने के महज तीन महीने के भीतर ही भाजपा के अंदर गुटबाजी शुरू होने के आरोप सामने आए हैं। शालीमार के 3 नंबर रेल गेट इलाके में अस्थायी दुकान बनाने को लेकर भाजपा के दो गुटों के बीच जमकर विवाद और मारपीट होने का आरोप है। घटना में गंभीर रूप से घायल भाजपा दक्षिण हावड़ा-1 नंबर मंडल के उपाध्यक्ष दिवाकर चौधरी का हावड़ा जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर एजेसी बोस बॉटैनिकल गार्डन थाने की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शालीमार भाड़पट्टी इलाके के निवासी और भाजपा के बस्ती विकास सेल के सदस्य ललित नारायण मेहता 3 नंबर रेल गेट इलाके में रेलवे ओवरब्रिज के नीचे खाने की एक अस्थायी दुकान बना रहे थे। दावा है कि इससे पहले यह दुकान कोई अन्य व्यक्ति चलाता था। आरोप है कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद बंद पड़ी उस दुकान पर ललित ने कब्जा कर लिया था।
घटना की जानकारी मिलने के बाद रविवार दोपहर स्थानीय मंडल स्तर के भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उनके साथ मंडल के उपाध्यक्ष दिवाकर चौधरी भी थे। आरोप है कि दुकान पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इसी दौरान दिवाकर द्वारा ललित को थप्पड़ मारने का आरोप लगाया गया। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। आरोप है कि ललित के नेतृत्व में कुछ लोग मौके पर पहुंचे और भाजपा मंडल के कार्यकर्ताओं के साथ जमकर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान मंडल उपाध्यक्ष दिवाकर चौधरी के सिर पर भी चोट लगने का आरोप है। गंभीर रूप से घायल दिवाकर पिछले तीन दिनों से हावड़ा जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
दक्षिण हावड़ा-1 नंबर मंडल के भाजपा कार्यकर्ता मृत्युंजय पांडे और सुंदर पासवान ने आरोप लगाया कि ललित पहले भाजपा से जुड़े हुए थे, लेकिन वर्तमान में उनके पास पार्टी का कोई पद नहीं है। उनका कहना है कि शालीमार रेल गेट के पास दुकान पर कब्जे की सूचना मिलने के बाद वे मामले को देखने पहुंचे थे। इसके बाद ललित के नेतृत्व में कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका दावा है कि दिवाकर चौधरी की पिटाई करने के बाद उन्हें सड़क पर घसीटते हुए जिला भाजपा के उपाध्यक्ष सुभाष झा के घर के सामने ले जाया गया और वहां भी ललित तथा उनके साथियों ने उनके साथ मारपीट की।
हालांकि, ललित नारायण मेहता ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका दावा है कि भाजपा के कुछ कार्यकर्ता उनके पास आए थे और कथित तौर पर आग्नेयास्त्र दिखाकर उनसे 50 हजार रुपये की रंगदारी मांग रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि रकम देने से इनकार करने पर उनके साथ भी मारपीट की गई।
घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शालीमार इलाके में भाजपा के भीतर खुले तौर पर सामने आए इस विवाद को लेकर पार्टी नेतृत्व की परेशानी बढ़ गई है।
वहीं, भाजपा हावड़ा सदर के सचिव ओमप्रकाश सिंह ने इसे भाजपा की गुटबाजी मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस के कुछ लोग पिछले दरवाजे से भाजपा में प्रवेश कर पार्टी में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस घटना में पार्टी का कोई कार्यकर्ता शामिल पाया जाता है, तो नेतृत्व उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा। उन्होंने पुलिस से भी कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की।
Baat Hindustan Ki Online News Portal