हावड़ा – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने महिलाओं के लिए ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना शुरू करने की घोषणा की है। योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये भत्ता देने की बात कही गई है। हालांकि, बड़ी संख्या में महिलाओं का आरोप है कि ऑफलाइन और ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद उन्हें अब तक योजना की राशि नहीं मिली है। इससे महिलाओं में नाराजगी और निराशा बढ़ रही है।
हर दिन हावड़ा अदालत परिसर स्थित समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में महिलाओं की लंबी कतार देखी जा रही है। यही तस्वीर जिले के विभिन्न बीडीओ कार्यालयों और पंचायत कार्यालयों में भी नजर आ रही है। महिलाओं का आरोप है कि आवेदन किए तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनके अन्नपूर्णा खाते में राशि नहीं पहुंची है।
कुछ महिलाओं का कहना है कि उनके खाते में एक बार राशि आई थी, लेकिन बाद में भुगतान बंद हो गया। वहीं, कई महिलाओं को कार्यालय की ओर से बताया जा रहा है कि उनके आवेदन की जांच की जा रही है। कुछ को दोबारा आवेदन करने, तो कुछ को बैंक से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है। कई महिलाओं को साइबर कैफे जाकर आवेदन का स्टेटस जांचने के लिए भी कहा जा रहा है।
इस तरह बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने और अलग-अलग निर्देश मिलने से महिलाएं परेशान हैं। उनका कहना है कि पहले लक्ष्मी भंडार योजना के तहत उन्हें हर महीने 1,500 रुपये मिलते थे और राशि सीधे खाते में आती थी। अब 3,000 रुपये की घोषणा के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं मिल रहा है। महिलाओं का कहना है कि सरकार जनता के पैसे ही जनता को देती है, ऐसे में उन्हें घोषित राशि मिलने में देरी क्यों हो रही है?
राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और नगर विकास विभाग की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कुछ दिन पहले करीब डेढ़ करोड़ महिलाओं के खातों में अन्नपूर्णा भंडार की राशि पहुंचने की बात कही थी। इसके बावजूद हावड़ा में कार्यालयों के बाहर कतार में खड़ी महिलाएं नाराज नजर आ रही हैं।
अब इन महिलाओं की एक ही उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्या का समाधान करे और जल्द से जल्द उनके खातों में अन्नपूर्णा भंडार की राशि पहुंचे। महिलाओं का कहना है—“अन्नपूर्णा भंडार से बेहतर तो लक्ष्मी भंडार था।”
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