–पुष्पा शाव, हुगली – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
हुगली जिले के हरिपाल के गोपीनगर में करम पर्व के अवसर पर मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की अनूठी मिसाल देखने को मिली। त्योहारों के दौरान संभावित रक्त संकट को ध्यान में रखते हुए ‘हड़ा आदिवासी शिशु संघ’ की पहल और ‘वेस्ट बंगाल वॉलंटरी ब्लड डोनेट सोसाइटी’ के सहयोग से विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
शुभ करम पूजा की पूर्व संध्या पर आयोजित इस शिविर में स्थानीय लोगों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कुल 41 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की जिंदगी बचाने की दिशा में अपना योगदान दिया।
शिविर में विशेष अतिथि के रूप में वेस्ट बंगाल वॉलंटरी ब्लड डोनेट सोसाइटी के चिकित्सक डॉ. पल्लव कुमार दे उपस्थित रहे। उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाया और नियमित रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डाला।
डॉ. पल्लव कुमार दे ने कहा कि त्योहारों के समय दुर्घटनाओं और अन्य चिकित्सा जरूरतों के कारण रक्त की मांग बढ़ सकती है। ऐसे समय में रक्तदान शिविर बेहद महत्वपूर्ण साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं में रक्तदान को लेकर बढ़ती जागरूकता एक सकारात्मक बदलाव है और इस तरह की पहल भविष्य में कई जरूरतमंद लोगों की जान बचाने में मददगार साबित हो सकती है।
शिविर के दौरान रक्तदान करने वाले लोगों में समाजसेवा को लेकर खासा उत्साह देखा गया। आयोजकों ने कहा कि करम पर्व केवल धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी अवसर है। इसी भावना के साथ रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
गोपीनगर में आयोजित इस पहल की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की। लोगों का कहना है कि त्योहार के मौके पर रक्तदान जैसे सामाजिक कार्य से समाज में एक अच्छा संदेश जाता है और अन्य लोगों को भी मानव सेवा के लिए प्रेरणा मिलती है।
41 रक्तदाताओं के योगदान से सफल हुए इस शिविर ने करम पर्व के उत्सव को मानव सेवा और सामाजिक एकजुटता के संदेश से और भी खास बना दिया। आयोजकों ने सभी रक्तदाताओं, चिकित्सकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
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