हावड़ा – पश्चिम बंगाल।
पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित शरद सदन प्रेक्षागृह में शनिवार को दो दिवसीय हिंदू राष्ट्र अधिवेशन का शुभारंभ हुआ। अधिवेशन में पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से आए साधु-संतों, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सनातन धर्म के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर देते हुए भविष्य में भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग उठाई। इस अवसर पर घर वापसी सहित सनातन परंपरा के प्रचार-प्रसार और समाज को संगठित करने जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
आयोजकों के अनुसार, यह अधिवेशन आदि गुरु शंकराचार्य की संस्था पीठ परिषद, आदित्य वाहिनी, आनंद वाहिनी पश्चिम बंगाल शाखा, एस्ट्रोलॉजर संगठन तथा आर्यामाता संस्था के तत्वावधान में आयोजित किया गया है।
आयोजन से जुड़े प्रेमचंद्र झा ने कहा कि दुनिया के कई देशों की पहचान उनके बहुसंख्यक धर्म के आधार पर है, जबकि बड़ी संख्या में हिंदू आबादी होने के बावजूद हिंदुओं के लिए कोई हिंदू राष्ट्र नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी मांग को लेकर यह अधिवेशन आयोजित किया गया है और भविष्य में इसे और बड़े स्तर पर आयोजित कर जन-जन तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
दो दिवसीय अधिवेशन के पहले दिन विभिन्न जिलों से आए साधु-संतों और उपस्थित लोगों ने हिंदू राष्ट्र की मांग के समर्थन में अपने विचार रखे।
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