कोलकाता – पश्चिम बंगाल।
भारतीय रेल नेटवर्क तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और आसनसोल मंडल ने अपने मार्गदर्शक सिद्धांत “विकास को गति देना और उत्कृष्टता प्रदान करना” के अनुरूप कार्य करते हुए इसका उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के दूरदर्शी नेतृत्व में मंडल ने जून 2026 में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ और वृद्धि दर्ज की हैं। माल परिवहन क्षमता तथा बुनियादी ढांचा के विकास को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाकर पूर्व रेलवे न केवल अपने राजस्व में वृद्धि कर रही है, बल्कि ऐसी विकास प्रक्रिया को भी बढ़ावा दे रही है जिसका प्रत्यक्ष लाभ यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव, अधिक ट्रैक उपलब्धता और समग्र संतुष्टि के रूप में मिल रहा है।
इन उल्लेखनीय उपलब्धियों के पीछे आसनसोल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री संग्रह मौर्य के मार्गदर्शन में काम करने वाली स्थानीय रेलवे टीम की कड़ी मेहनत है। जून 2025–26 और जून 2026–27 की आधिकारिक प्रदर्शन तुलना के अनुसार पाँच प्रमुख परिचालन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। माल लदान 4.3008 मिलियन टन से बढ़कर 4.8282 मिलियन टन हो गया, जो 12.26 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। इसी प्रकार, माल उतारने की क्षमता 4.79 मिलियन टन से बढ़कर 4.81 मिलियन टन हो गई, जो 0.42 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि है। इन परिचालन सफलताओं के परिणामस्वरूप कुल वित्तीय आय 398.93 करोड़ रुपये से बढ़कर 497.94 करोड़ रुपये हो गई, जो 24.82 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाती है। परिचालन दक्षता के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, स्टेबलिंग समय सहित मालगाड़ियों की औसत गति 6.36 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़कर 13.74 किलोमीटर प्रति घंटा हो गई, जो 116.04 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि है। इसके अतिरिक्त, प्रतिदिन रोलिंग स्टॉक के संचालन की दक्षता भी बढ़ी है। प्रतिदिन वैगन रिलीज़ 2,386 वैगन से बढ़कर 2,408 वैगन हो गई, जो 0.92 प्रतिशत की स्थिर वृद्धि को दर्शाती है।
कच्चे औद्योगिक माल ढुलाई के अलावा, जून 2026 में आधारभूत संरचना से जुड़ी दो बड़ी उपलब्धियां हासिल हुईं, जिनसे क्षेत्र के यात्रियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। पहला, कुमराबाद रोहिणी स्टेशन का सफलतापूर्वक कमीशनिंग कर पूर्ण परिचालन प्रारंभ किया गया। इससे स्थानीय यात्रियों को उन्नत सुविधाएँ, बेहतर पहुँच और अधिक सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्राप्त होगा। दूसरा, जसीडीह जंक्शन बाईपास (चरण-1) का सफल समापन हुआ। यह लंबी दूरी के यात्रियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस बाईपास के माध्यम से भारी मालगाड़ियों को व्यस्त यात्री प्लेटफॉर्म एवं मुख्य लाइनों से अलग मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे ट्रैक पर भीड़भाड़ कम होगी तथा इंजन को बार-बार दिशा बदलने(रिवर्सल) की आवश्यकता समाप्त होगी। इसका सीधा लाभ यात्रियों को कम विलंब, बेहतर समयपालन तथा अधिक सुरक्षित, सुगम और विश्वसनीय रेल यात्रा के रूप में मिलेगा।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझी ने कहा, “ये उपलब्धियाँ विकास को गति देने और उत्कृष्टता प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। माल परिवहन में तेजी और अर्जित प्रत्येक राजस्व का उपयोग सुरक्षित, आधुनिक और अधिक आरामदायक रेल नेटवर्क के निर्माण में किया जा रहा है। मालगाड़ियों की औसत गति को दोगुने से भी अधिक बढ़ाकर हमने यात्री ट्रेनों के लिए ट्रैक की उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार किया है, जिससे उनकी समयपालन क्षमता और बेहतर होगी। हम एक मजबूत पूर्व रेलवे बनाने की दिशा में लगातार भरोसा बनाए रखने के लिए अपने यात्रियों का धन्यवाद करते हैं।”
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