हावड़ा – पश्चिम बंगाल।
पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ भविष्य देने के उद्देश्य से विभिन्न स्वयंसेवी संगठन लंबे समय से वृक्षारोपण अभियान चला रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को हावड़ा के पांचपाड़ा क्षेत्र में आम लोगों के बीच नि:शुल्क पौधों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के प्रमुख हरेन पात्र ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि उनका संगठन वर्ष 2018 से लगातार वृक्षारोपण का कार्य कर रहा है। पहले वर्ष 45 हजार पौधे लगाए गए थे। कोरोना महामारी के दौरान दो वर्षों तक वृक्षारोपण कार्यक्रम बंद रहा, लेकिन उस समय संगठन ने सैनिटाइजेशन, मास्क, चावल, दाल और आलू वितरण जैसे कई सामाजिक कार्य किए।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में 1 लाख तथा वर्ष 2025 में 2 लाख पौधों का वितरण किया गया। अब उनका लक्ष्य अगले ढाई वर्षों के भीतर 2 लाख से अधिक पौधे लोगों के बीच वितरित करना है। उन्होंने कहा, “आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ रखने के लिए हर व्यक्ति को आगे आना होगा। आज के बच्चे ही कल के डॉक्टर, इंजीनियर और प्रोफेसर बनेंगे। उनके बेहतर भविष्य के लिए हमें अभी से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करना होगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि संगठन केवल वृक्षारोपण ही नहीं, बल्कि गंगा नदी की सफाई का कार्य भी करता है। पहले वर्ष में 7-8 बार गंगा की सफाई की जाती थी, लेकिन प्रदूषण बढ़ने के कारण अब महीने में दो बार सफाई अभियान चलाया जाता है।
इस अभियान के तहत साल, सागौन, अर्जुन, महोगनी, शीशम, चंदन, आम, जामुन, कटहल और अमरूद सहित कुल 10 प्रकार के पौधों का वितरण किया जा रहा है। फिलहाल यह अभियान हावड़ा, पूर्व एवं पश्चिम मेदिनीपुर, हुगली, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना तथा सुंदरबन क्षेत्रों में चल रहा है। भविष्य में इसे पश्चिम बंगाल के सभी जिलों तक पहुंचाने की योजना है।
संगठन की ओर से आम लोगों को 2 से 4 पौधे नि:शुल्क दिए जा रहे हैं। यदि किसी को अधिक संख्या में पौधों की आवश्यकता हो तो संगठन को आवेदन देने पर वाहन के माध्यम से पौधे उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।
पर्यावरण को प्रदूषणमुक्त बनाने और प्रकृति के संरक्षण की दिशा में इस तरह की पहल निश्चित रूप से सराहनीय है। संगठन का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित, स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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