हावड़ा – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
सुरक्षा की दृष्टि से हावड़ा स्टेशन बेहद महत्वपूर्ण है। रोजाना करीब 10 लाख यात्री हावड़ा स्टेशन से आवागमन करते हैं। यात्रियों की सुरक्षा और किसी भी आकस्मिक बड़ी आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 28 सितंबर की रात हावड़ा स्टेशन पर एनएसजी कमांडो और आरपीएफ की ओर से संयुक्त मॉक ड्रिल की गई।
हावड़ा डिवीजन के डीआरएम विशाल कपूर ने शुक्रवार को बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी अचानक होने वाली बड़ी घटना या आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य किस तरह तेजी से किया जा सकता है, इसकी तैयारियों की जांच करना था।
मॉक ड्रिल के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस को चुना गया, क्योंकि यह अन्य ट्रेनों की तुलना में अलग तरह की संरचना वाली ट्रेन है। अभ्यास के दौरान यह देखा गया कि किसी आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने और राहत-बचाव अभियान को किस प्रकार संचालित किया जा सकता है।
इस संयुक्त अभ्यास में एनएसजी और आरपीएफ के जवानों ने हिस्सा लिया। इससे पहले एनडीआरएफ की ओर से भी ट्रेन दुर्घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने को लेकर मॉक ड्रिल की गई थी। अभ्यास के दौरान आपदा की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बचाने और मौके पर राहत कार्य चलाने की प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से प्रदर्शित किया गया।
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