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‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम

श्रीरामपुर – हुगली – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।

‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हुगली जिले के श्रीरामपुर में रविवार 4 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) प्रचारक सुनील देवधर बतौर मुख्य अतिथि व प्रधान वक्ता उपस्थित हुए। उन्होंने वंदे मातरम् के महत्व, भारतीय संस्कृति, कृतज्ञता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति पर अपने विचार रखें।

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना का प्रतीक है। भारत की परंपरा में धरती, नदियों और प्रकृति को माता के रूप में सम्मान देने के पीछे इसी कृतज्ञता की भावना को महत्वपूर्ण बताया गया।

श्री देवधर ने माँ के त्याग और योगदान को याद करते हुए कहा कि भारतीय चिंतन में माँ को सर्वोच्च सम्मान प्राप्त है। इसी भाव को व्यापक रूप देते हुए मातृभूमि के प्रति भी कर्तव्य और सम्मान की भावना विकसित करने का आह्वान किया गया।

वक्तव्यों में युवाओं और विशेष रूप से बच्चों की शिक्षा, आत्मविश्वास, अनुशासन तथा शारीरिक और मानसिक क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करते हुए राष्ट्र, समाज और संस्कृति से जुड़े विचारों को तथ्यपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करने की बात कही गई।

सुनील देवधर ने सामाजिक भेदभाव और जातिवाद को हिन्दू समाज की कमजोरी बताते हुए सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने सभी वर्गों के लोगों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करने और त्योहारों तथा सामाजिक आयोजनों को एकता का माध्यम बनाने की अपील की।

श्री देवधर के वक्तव्यों में एक प्रमुख संदेश यह था कि केवल नारे लगाने या भाषण सुनने से परिवर्तन नहीं आता; विचारों को अपने आचरण में उतारना आवश्यक है। राष्ट्रप्रेम, सामाजिक जिम्मेदारी, शिक्षा, अनुशासन और परस्पर सम्मान के माध्यम से समाज को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई गई।

अंततः उन्होंने वंदे मातरम् को राष्ट्र के प्रति समर्पण, जागरूकता और कर्तव्यबोध की प्रेरणा बताते हुए युवाओं से देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया।

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