हावड़ा – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
●हावड़ा में बंगीय स्वर्ण शिल्पी समिति के अधिवेशन में उठी कई मांगे
स्वर्ण व्यवसायियों के लाइसेंस से जुड़ी जटिलताओं को दूर करने, व्यवसायियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उनके लिए सरकारी सहायता और कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने की मांग को लेकर बंगीय स्वर्ण शिल्पी समिति की हावड़ा जिला शाखा ने आवाज बुलंद की। गुरुवार को हावड़ा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हॉल में संगठन का जिला अधिवेशन आयोजित किया गया। अधिवेशन में हावड़ा जिले के विभिन्न इलाकों से आए स्वर्ण शिल्पी और व्यवसायियों ने हिस्सा लिया तथा अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को सामने रखा।
अधिवेशन में स्वर्ण व्यवसायियों की ओर से मुख्य रूप से चार महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं। संगठन का आरोप है कि स्वर्ण गिरवी रखने के कारोबार के लिए उन्हें मिलने वाले लाइसेंस के नवीनीकरण में कई तरह की जटिलताएं पैदा की जा रही हैं। जबकि अन्य वित्तीय संस्थानों के लाइसेंस का नवीनीकरण किया जा रहा है। व्यवसायियों ने सवाल उठाया कि स्वर्ण व्यवसायियों को समान सुविधा क्यों नहीं दी जा रही है। उन्होंने जल्द से जल्द लाइसेंस के नवीनीकरण की व्यवस्था करने की मांग की।
अधिवेशन में स्वर्ण व्यवसायियों की ओर से पुलिस की कथित प्रताड़ना का मुद्दा भी उठाया गया। व्यवसायियों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति सोना बेचने या गिरवी रखने के लिए उनकी दुकान पर आता है, तो वे नियमानुसार आवश्यक दस्तावेजों की जांच करने के बाद ही सोना स्वीकार करते हैं। लेकिन बाद में यदि वह सोना चोरी का साबित होता है, तो कई मामलों में व्यवसायियों के साथ भी आरोपी या अपराधी जैसा व्यवहार किया जाता है। व्यवसायियों ने इस तरह की कथित प्रताड़ना बंद करने और जांच के दौरान वास्तविक अपराधियों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की।
अधिवेशन में व्यवसायियों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। स्वर्ण व्यवसायियों का कहना है कि दुकान में सोने के आभूषण प्रदर्शित करना उनके कारोबार का आवश्यक हिस्सा है। यदि दुकान में सोना प्रदर्शित नहीं किया जाए तो ग्राहकों को आकर्षित करना मुश्किल होता है। लेकिन इसी का फायदा उठाकर कई बार अपराधी ग्राहक बनकर दुकानों में प्रवेश करते हैं और बंदूक दिखाकर या व्यवसायियों तथा कर्मचारियों के साथ मारपीट कर सोना लूटकर फरार हो जाते हैं। ऐसे में व्यवसायियों को लगातार भय और असुरक्षा के माहौल में कारोबार करना पड़ रहा है।
व्यवसायियों ने मांग की कि उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें लाइसेंसी हथियार रखने की अनुमति देने की व्यवस्था की जाए, ताकि वे अपनी और अपने प्रतिष्ठान की सुरक्षा कर सकें।
व्यवसायियों का कहना है कि असुरक्षा के माहौल में किसी भी कारोबार को सामान्य रूप से संचालित करना संभव नहीं है। इसलिए स्वर्ण आभूषणों की दुकानों की सुरक्षा मजबूत करने, अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और व्यवसायियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
इसके अलावा स्वर्ण व्यवसायियों के लिए विशेष सरकारी योजनाएं शुरू करने की मांग भी उठाई गई। संगठन की ओर से कहा गया कि प्रधानमंत्री की ओर से देश के आर्थिक हित में आम लोगों से सोना खरीदने से बचने की अपील किए जाने का सीधा असर स्वर्ण कारोबार पर पड़ा है। इसके कारण व्यवसायियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए राज्य सरकार की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में चलाई जा रही योजनाओं की तर्ज पर स्वर्ण व्यवसायियों के लिए भी विशेष सहायता और कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने की मांग की गई।
अधिवेशन में जीटी रोड शाखा के अध्यक्ष आनंद साउ, शिवपुर शाखा के सचिव विश्वजीत राय, मध्य हावड़ा के बल्लभ सरकार, कदमतला के अशोक साउ, बांकरा के अमरप्रकाश साउ तथा ऑल इंडिया के महासचिव टगर चंद्र पोद्दार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। अधिवेशन के माध्यम से संगठन ने स्वर्ण शिल्पियों और व्यवसायियों की समस्याओं के जल्द समाधान के लिए सरकार एवं प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
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