–के. विश्वदेव राव, लखनऊ – उत्तर प्रदेश। भारतीय लोकतंत्र की यात्रा सदा से मतभेदों, विमर्शों और आत्ममंथन से पोषित रही है। संविधान का अनुच्छेद 19(1)(क) प्रत्येक नागरिक को विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है, जो किसी भी सजीव समाज की नींव मानी जाती है। किंतु इसी स्वतंत्रता …
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