–के• विश्वदेव राव, महासचिव – इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स। लोकतंत्र केवल संविधान के पृष्ठों पर उकेरी गई पंक्तियों का नाम नहीं है। यह संस्थाओं के भीतर बहने वाली जीवंत साँसों और उनके प्रति जन-सामान्य के अटूट विश्वास का सजीव ताना-बाना है। बीते कुछ हफ़्तों में निर्वाचन आयोग को लेकर …
Read More »पत्रकारिता लोकतंत्र की सशक्त आवाज, पत्रकारों के योगदान से सच्चाई समाज के सामने आती है : केशव प्रसाद मौर्य
–अमित राय, बोधगया – बिहार, बात हिन्दुस्तान की। ●उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आई•एफ•डब्ल्यू•जे• के 132वें राष्ट्रीय परिषद सत्र को वर्चुअल माध्यम से किया संबोधित उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य रविवार को बिहार के बोधगया में आयोजित इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आई•एफ•डब्ल्यू•जे•) के 132वें राष्ट्रीय परिषद सत्र …
Read More »विचार अजेय होते हैं क्या ?
–के. विश्वदेव राव, लखनऊ – उत्तर प्रदेश। भारतीय लोकतंत्र की यात्रा सदा से मतभेदों, विमर्शों और आत्ममंथन से पोषित रही है। संविधान का अनुच्छेद 19(1)(क) प्रत्येक नागरिक को विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है, जो किसी भी सजीव समाज की नींव मानी जाती है। किंतु इसी स्वतंत्रता …
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