–संघमित्रा सक्सेना, कोलकाता – पश्चिम बंगाल।
मालदह में जिला प्रशासन की ओर से “हाटे हाटे स्वगणना 2027” जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
●क्या है हाटे हाटे स्वगणना 2027 ?
भारत में जनगणना 2027 शुरू होने जा रहा है। स्वगणना यानि खुद से सेल्फ डिक्लेरेशन के जरिए जनगणना में हिस्सा लेना। जिससे सरकार को देश के वर्तमान आबादी की पुष्टिकरण होगा। स्वगणना दो अलग-अलग चरणों में होगा।
क) हाउस लिस्टिंग:- मकान सूचीकरण और मकान की गणना।
ख) जनसंख्या गणना
●हाउस लिस्टिंग की प्रक्रिया:- यह गणना सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल या फिर स्वगणना पोर्टल द्वारा भी की जा सकती है। इसके तहत हेड ऑफ द फैमिली यानि घर के मुखिया पोर्टल में इनरोल कर अपने घर की जानकारी दे सकते है। एक फोन नंबर से केवल एक ही घर का लॉगऑन संभव है। यह सुविधा भारत के सभी निवासियों के लिए केवल 15 दिनों के लिए ही उपलब्ध होगी। सबसे पहले स्वागत ना पोर्टल को ओपन करना है। फिर अपने राज्य सेलेक्ट करना है। इसके उपरांत कैप्चा भरनी है। हेड ऑफ़ द फैमिली अपना नाम दर्ज करें फोन नंबर के साथ। फिर अपनी भाषा चुने। ओटीपी से अपनी कन्फर्मेशन सिक्योर करें। अपनी डिस्ट्रिक्ट और लैंडमार्क चुने। मकान के एड्रेस के अनुसार मैप में मार्क कर दिखाई देगा वही खुद का स्थान चिन्हित करें। एचएलओ फिर ऐसे को प्रश्नावली का पृष्ठ खुल जाएगा। संपूर्ण पेज भरने के बाद उसे सबमिट करें। हाउस लिस्टिंग कंप्लीट होने के बाद H से जुड़ा 11 अंकों का आईडी आपके पास एसएमएस के थ्रू आएगी। सरकारी कर्मी जब इसकी जानकारी लेने आपके घर आए तब आप इसको उनसे साझा करें।
●हाटे हाटे स्वगणना 2027 की मूल लक्ष्य
•मालदह जिला के सभी बाजारों में हाटे हाटे स्वगणना 2027 सम्पर्कित जानकारी मुहैया कराना।
•हाटे हाटे स्वगणना 2027 की बारे में लोगों को जागरूक करना।
जानकारी के मुताबिक मालदह टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय विधायक, जिलाशासक और जिला के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
•हाटे हाटे स्वगणना 2027 दरअसल पुराने मालदह के पॉपरा ब्लॉक में शनिवारी हाट में आयोजित एक जनसंयोग हैं। जिससे इस मंडी में आनेवाले आसपास के सभी गांववालों को स्वगणना 2027 के बारे में जानकारी हो और लोग इस हाटे हाटे स्वगणना 2027 में हिस्सा ले तथा भारत के एक जिम्मेदार नागरिक हेतु अपने कर्तव्य का पालन करें।
●हाटे हाटे स्वगणना 2027 का खासियत
•2027 जनगणना एक डिजिटालाइज प्रक्रिया है। साथ साथ मैनुअल प्रक्रिया भी चलेगी।
•इस पर भारत सरकार की कुल 11,718.24 करोड़ रुपये खर्च हो रहा है।
•देशभर में कुल 30 लाख फील्ड कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
Baat Hindustan Ki Online News Portal