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सीबीआइ के जरिए ट्रेन हादसे की सच्चाई को दबाना चाहती है केंद्र सरकार : ममता

 

 

– बंगाल की मुख्यमंत्री ने ट्रेन हादसे की सीबीआइ जांच पर फिर उठाए सवाल

– कहा- हादसे की जांच न करके सीबीआइ टीमों को छापेमारी के लिए बंगाल भेज दिया

 

कोलकाता : बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ओडिशा के बालेश्वर में ट्रेन हादसे की जांच सीबीआइ को सौंपे जाने के फैसले पर बुधवार को फिर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इतने बड़े रेल हादसे की सच्चाई कैसे दबाया जाए, केंद्र लगातार इसकी चेष्टा में जुटा है। इसीलिए सीबीआइ को जांच सौंपा गया है। उन्होंने फिर कहा- सीबीआइ इस केस में क्या करेगी, क्योंकि वह आपराधिक मामलों की जांच करती है। ममता ने कहा कि घटना की वास्तविक जांच नहीं हुई। लोग सच्चाई जानना चाहते हैं, इसे दबाया न जाए। कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में ट्रेन हादसे में मारे गए बंगाल के लोगों के स्वजनों व घायलों को आर्थिक मदद के तौर पर चेक सौंपे जाने के मौके पर ममता ने कहा- आपने पुलवामा देखा था ना, क्या कहा था वहां के राज्यपाल (सत्यपाल मलिक) ने, इसलिए सच सामने आना चाहिए। ममता ने आरोप लगाया कि रेल हादसे की जांच न करके सीबीआइ की टीम बंगाल में नगर पालिकाओं में छापेमारी के लिए घुस गई है। यह सब करके सच दबाया नहीं जा सकता है। गौरतलब है कि नगरपालिकाओं में नियुक्ति में हुए भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआइ ने बुधवार को बंगाल के शहरी विकास विभाग सहित 20 नगरपालिकाओं के कार्यालयों में एक साथ छापेमारी कर तलाशी अभियान चलाया। ममता ने इसकी आलोचना करते हुए कटाक्ष किया कि सीबीआइ अब तलाशी के लिए यहां शौचालयों में भी घुसेगी, यही अब बाकी है।

ममता ने सवाल किया- यह रेल हादसा क्यों हुआ? इतने लोग कैसे मारे गए? केंद्र को इसका जवाब देना चाहिए। जो भी इसके दोषी हैं उन्हें सजा मिलनी चाहिए।

 

भाजपा ने किया पलटवार

 

दूसरी तरफ भाजपा ने ममता के बयान पर पलटवार किया है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि सच सामने आए, इसीलिए सीबीआइ जांच का आदेश दिया गया है। ममता बनर्जी सीबीआइ से क्यों डरी हुई है?

 

ट्रेन हादसे के मृतकों के स्वजनों को ममता ने सौंपा चेक

 

मुख्यमंत्री ने ट्रेन हादसे में मारे गए बंगाल के लोगों के स्वजनों व घायलों को आर्थिक मदद के तौर पर चेक प्रदान किया। बंगाल सरकार की ओर से मृतकों के स्वजनों को पांच-पांच लाख व गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये देने की पहले ही घोषणा की गई थी। इसके साथ आंशिक रूप से घायलों को 50 हजार तथा चोटिल लोगों को 25-25 हजार देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने हादसे में जिन लोगों की जानें गई हैं, उनके परिवार के एक सदस्य एवं जो हाथ-पैर से दिव्यांग हो गए हैं, उन्हें होमगार्ड में नौकरी का नियुक्ति पत्र भी सौंपा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक बंगाल के 103 यात्रियों के शवों की शिनाख्त हुई है जबकि 40-50 लोग अभी भी लापता हैं।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान घोषणा की कि पीडि़त परिवारों में से 50 लड़के व 50 लड़कियों की पूरी शिक्षा का भार भी राज्य सरकार उठाएगी। उन्होंने इसके साथ ही कहा कि जो लोग काम के सिलसिले में ट्रेन से जा रहे थे और सुरक्षित लौट जाए हैं, उनमें से कोई यदि काम करना चाहते हैं तो राज्य सरकार उन्हें घर के पास ही काम उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी। ममता ने पीडि़त परिवारों से बातचीत कर हर तरह की मदद का भरोसा दिया।

 

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