हावड़ा – पश्चिम बंगाल।
हावड़ा नगर निगम के वार्ड पुनर्विन्यास की प्रक्रिया को लेकर CPI(M) ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने पूरी प्रक्रिया को “अलोकतांत्रिक” बताते हुए सवाल उठाया कि जब सभी राजनीतिक दलों को आपत्ति दर्ज कराने के लिए 12 अगस्त तक का समय दिया गया था, तो उससे पहले ही विधानसभा में बहुमत के बल पर विधेयक कैसे पारित कर दिया गया।
हावड़ा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CPI(M) नेता ने कहा कि 5 अगस्त को जिलाधिकारी ने हावड़ा नगर निगम के 68 वार्डों का प्रस्ताव जारी कर सभी राजनीतिक दलों को 12 अगस्त तक आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया था। लेकिन आपत्ति की समयसीमा पूरी होने से पहले ही विधानसभा में बहुमत के आधार पर संबंधित विधेयक पारित करा लिया गया।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “जब आपत्ति दर्ज कराने के लिए 12 अगस्त तक का समय दिया गया था, तो उससे पहले ही विधेयक पारित कर देना क्या लोकतंत्र है?”
CPI(M) नेता ने कहा कि वाममोर्चा शासन के दौरान हावड़ा नगर निगम में 50 वार्ड थे। अब इन वार्डों को तोड़कर भौगोलिक सीमाओं में बदलाव करते हुए 68 वार्ड किए जा रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2022 के सरकारी गजट का भी हवाला देते हुए कहा कि 8 दिसंबर 2022 को जारी सरकारी गजट में 66 वार्डों का उल्लेख किया गया था।
पार्टी ने सवाल किया कि उस आदेश को आखिर किस आधार पर रद्द किया गया और अब 68 वार्ड करने की जरूरत क्यों पड़ी।
CPI(M) का आरोप है कि राजनीतिक दलों और आम लोगों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का पूरा अवसर दिए बिना जल्दबाजी में विधेयक पारित कराना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन है। पार्टी ने वार्ड पुनर्विन्यास की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से दोबारा देखने की मांग की है।
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