–पुष्पा शाव, चंदननगर – हुगली – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
ऐतिहासिक फ्रांसीसी विरासत की पहचान रखने वाले चंदननगर में इन दिनों उत्सव का माहौल है। ऐतिहासिक फ्रांसीसी रजिस्ट्री भवन के जीर्णोद्धार कार्य की शुरुआत को लेकर चंदननगर स्टैंड रोड को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है।
ऐतिहासिक भवन के पुनर्निर्माण कार्य की शुरुआत करने के लिए भारत में नियुक्त फ्रांसीसी राजदूत थियरी मातू आज चंदननगर पहुंचे। इस मौके पर राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष, सुमना सरकार, चंदननगर के विधायक दीपांजन गुहा, विधायक कौस्तुभ बागची, हुगली के जिलाधिकारी खुर्शीद अली कादरी सहित कई विशिष्ट लोग मौजूद रहे।
चंदननगर के रानीघाट के पास स्थित यह ऐतिहासिक फ्रांसीसी रजिस्ट्री भवन लंबे समय से जर्जर अवस्था में है। भवन को वर्ष 2017 में राज्य सरकार की ओर से हेरिटेज घोषित किया गया था। इसके बाद इसे पुराने स्वरूप में वापस लाने की योजना बनाई गई थी।
बताया जाता है कि इस भवन के संरक्षण और पुनर्निर्माण को लेकर पहले भी फ्रांस के साथ समझौता हुआ था, लेकिन लंबे समय तक काम आगे नहीं बढ़ सका। अब करीब एक दशक बाद इस ऐतिहासिक इमारत के जीर्णोद्धार की दिशा में काम शुरू किया गया है।
खास बात यह रही कि फ्रांसीसी राजदूत थियरी मातू गंगा के रास्ते जलमार्ग से चंदननगर पहुंचे और वहां से कार्यक्रम स्थल पर जाकर रजिस्ट्री भवन के जीर्णोद्धार कार्य की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने चंदननगर के फ्रांसीसी कब्रिस्तान, म्यूजियम सहित कई ऐतिहासिक स्थलों का दौरा भी किया।
चंदननगर महकमा शासक कार्यालय के सामने स्थित यह भवन कभी काफी चहल-पहल वाला हुआ करता था। 1875 में निर्मित इस इमारत में जमीन-जायदाद से संबंधित दस्तावेजों के पंजीकरण के साथ-साथ विवाह प्रमाणपत्र भी जारी किए जाते थे। यहां अदालत भी संचालित होती थी।
लेकिन समय के साथ यह ऐतिहासिक इमारत जर्जर होती चली गई। इसकी दीवारों से ईंटें गिरने लगीं और बड़े-बड़े पेड़-पौधों ने पूरे भवन को घेर लिया। इसके बावजूद दूर से आज भी इसकी पुरानी फ्रांसीसी स्थापत्य शैली और ऐतिहासिक पहचान साफ दिखाई देती है।
अब इस इमारत को उसके पुराने गौरवशाली स्वरूप में वापस लाने की तैयारी शुरू हो गई है।
11 सितंबर से 13 सितंबर तक चंदननगर में इस अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जगद्धात्री पूजा से पहले ही चंदननगर का स्टैंड रोड रोशनी से जगमगा उठा है और गंगा किनारे बसे इस ऐतिहासिक शहर में एक बार फिर फ्रांसीसी विरासत को लेकर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है।
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