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नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने ईसीएल में पुनर्वास कार्यों एवं खनन गतिविधियों की समीक्षा की; ‘वेस्ट टू वेल्थ’ ड्रैगलाइन शिल्प का किया उद्घाटन

आसनसोल – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने गुरुवार को ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) का अपना दो दिवसीय दौरा संपन्न किया। इस दौरान उन्होंने रानीगंज कोलफील्ड्स में खनन गतिविधियों एवं भू-धंसान से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) से संबंधित पहलों की समीक्षा की। अपने दौरे के दौरान उन्होंने विशेष अभियान 6 के अंतर्गत ईसीएल के सोनेपुर बाजारी क्षेत्र में औद्योगिक कबाड़ के पुनर्चक्रित अवशेषों से निर्मित ‘वेस्ट टू वेल्थ’ (अपशिष्ट से संपदा) शिल्प का भी उद्घाटन किया।

डॉ. लाहिड़ी का दौरा बुधवार की शाम ईसीएल एवं पश्चिम बंगाल सरकार के पश्चिम बर्धमान जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित बैठक के साथ प्रारंभ हुआ। बैठक में रानीगंज कोलफील्ड्स तथा रानीगंज कोलफील्ड्स मास्टर प्लान पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। डॉ. लाहिड़ी का स्वागत ईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक डॉ. सतीश झा ने किया। बैठक में नीति आयोग के एडीजी एवं परियोजना निदेशक (खान एवं खनिज) श्री अनुपम लाहिड़ी; पश्चिम बर्धमान के जिलाधिकारी श्री पोन्नंबलम एस., आईएएस; आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (एडीडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री विवेक कुमार; ईसीएल के निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) श्री गिरिश गोपीनाथन नायर तथा राज्य सरकार एवं ईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

गुरुवार को डॉ. लाहिड़ी ने रानीगंज मास्टर प्लान के अंतर्गत अंडाल स्थित पुनर्वास स्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा प्रभावित परिवारों के लिए विकसित की जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।

इसके पश्चात उन्होंने सोनेपुर स्थित पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) स्थल का दौरा किया, जहाँ उन्होंने स्थानीय निवासियों से संवाद कर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं को समझा। पुनर्वासित परिवारों को उपलब्ध कराई गई नागरिक सुविधाओं की समीक्षा करते हुए डॉ. लाहिड़ी ने कार्यों में हुई प्रगति तथा सोनेपुर गाँव में विकसित सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया।

सोनेपुर बाजारी ओपनकास्ट परियोजना (OCP) में क्षेत्र के महाप्रबंधक शंभु कुमार झा ने परियोजना की खनन गतिविधियों, पर्यावरण संरक्षण संबंधी पहलों तथा भूमि पुनरुद्धार के उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। डॉ. लाहिड़ी ने क्षेत्र में हुई प्रगति की सराहना की, आवश्यक सुझाव दिए तथा भविष्य में भी इसी प्रकार के उत्कृष्ट प्रदर्शन को लेकर विश्वास व्यक्त किया।

इस दौरे का एक प्रमुख आकर्षण सोनेपुर बाजारी क्षेत्र के आईसीएल गेट पर निर्मित ‘वेस्ट टू वेल्थ’ कोयला खनन विरासत शिल्प का उद्घाटन रहा। विशेष अभियान 6 के अंतर्गत विकसित यह शिल्प सोनेपुर बाजारी ओपनकास्ट परियोजना में कार्यरत मैरियन 7820-15 ड्रैगलाइन की प्रतिकृति है। स्क्रैप पार्क की सफाई पहल के दौरान एकत्रित अनुपयोगी सामग्रियों के पुनः उपयोग से निर्मित यह कलाकृति औद्योगिक अपशिष्ट के रचनात्मक पुनरुपयोग का प्रतीक होने के साथ-साथ क्षेत्र की समृद्ध कोयला खनन विरासत को भी प्रदर्शित करती है। यह पहल चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों के अनुरूप पुनर्चक्रण, संसाधनों के दक्ष उपयोग तथा पर्यावरणीय सततता के प्रति ईसीएल की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

अपने दौरे के अंतिम चरण में डॉ. लाहिड़ी ने झांझरा भूमिगत खदान का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने ईसीएल की मशीनीकृत भूमिगत खनन गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया तथा इन कार्यों की जानकारी प्राप्त की।

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