हावड़ा – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
शनिवार शाम उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गापूजा पंडाल में मची भगदड़ में कुचलकर 19 दर्शनार्थियों की मौत हो गई। मृतकों में उत्तर हावड़ा के सलकिया निवासी 64 वर्षीय विकास भट्टाचार्य भी शामिल हैं।
परिजनों के अनुसार, अविवाहित विकास भट्टाचार्य शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे घर से अकेले उत्तर कोलकाता में दुर्गापूजा पंडालों के दर्शन के लिए निकले थे। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्हें दुर्गापूजा के दौरान पंडाल घूमने का बेहद शौक था। वह हर साल अकेले ही मां दुर्गा के दर्शन करने निकलते थे।
शनिवार शाम को पुलिस ने उनके भाई तापस भट्टाचार्य को विकास की तबीयत खराब होने की सूचना दी। इसके बाद तापस भट्टाचार्य कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने अपने बड़े भाई को सफेद चादर से ढका हुआ पाया। चेहरे से कपड़ा हटाते ही उन्हें अपने भाई का निर्जीव शरीर दिखाई दिया। उन्होंने शव की पहचान की।
इस घटना को लेकर तापस भट्टाचार्य ने पूजा कमेटी की कथित लापरवाही और राज्य प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आए और इसके लिए जिम्मेदार सभी लोगों को उदाहरणात्मक सजा दी जाए।
तापस भट्टाचार्य के अनुसार, बारिश के दौरान पंडाल में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। प्रवेश और निकास के रास्ते संकरे थे और पंडाल के अंदर पर्याप्त रोशनी भी नहीं थी। उनका आरोप है कि इन परिस्थितियों के कारण ही यह दर्दनाक हादसा हुआ।
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