हावड़ा : विश्व हृदय दिवस के अवसर पर शनिवार को हावड़ा में नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल की ओर से मिनी वाकाथन का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और युवाओं ने भाग लिया। देश में हृदय रोगों की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर इस वाकाथन के जरिए लोगों को जागरूकता का संदेश दिया गया। थोड़ा दिल थोड़ा एनहार्ट की थीम पर इस वाकथान को सुबह हावड़ा के दानेश शेख लेन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो शालीमार स्टेशन के पास समाप्त हुआ। इस वाकाथन में अस्पताल के डाक्टरों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों सहित सभी आयु वर्ग के 500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। हाथों में बैनर- पोस्टर लिए स्कूली छात्रों ने इसके जरिए हृदय संबंधी रोगों से बचाव के लिए व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। इस मौके पर अस्पताल द्वारा शालीमार में वंचित बच्चों के लिए नि:शुल्क कार्डियक हेल्थ चेकअप कैंप भी लगाया गया। इस अवसर पर अस्पताल के एडल्ट कार्डियोलाजिस्ट डा बिजय प्रकाश पांडे ने कहा- हृदय रोगों के बढ़ते मामलों का मुख्य कारण खराब जीवनशैली है। अधिकांश लोग हार्ट अटैक के लक्षणों के बारे में अभी भी अनजान है इसलिए इस प्रकार के कार्यक्रमों की मदद से हम लोगों को जागरूक करना चाहते हैं। स्वस्थ आहार, चलना, व्यायाम और नियमित शारीरिक गतिविधि को बढ़ावा देना इस रोग से बचाव में कारगर है, जो आपके दिल को स्वस्थ रखता है। नारायणा अस्पताल के फेसिलिटी डायरेक्टर डा असिम कुमार ने कहा कि दिल के दौरे को कभी बुजुर्गों की समस्या माना जाता था लेकिन धीरे-धीरे यह युवाओं के बीच भी आम हो रहा है। खराब जीवनशैली की आदतों (धूम्रपान, शराब और गतिहीन जीवनशैली) के कारण मध्यम आयु वर्ग की आबादी समय से पहले ही दिल की समस्याओं से जूझने लगी है। हालांकि, अनुवांशिक रोगों को पूरी तरह से नियंत्रित नहीं किया जा सकता है, लेकिन जीवनशैली में बदलाव से बहुत हद तक इससे बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिल को स्वस्थ रखने के लिए वाकिंग सबसे अच्छा व्यायाम है। यह मानसिक तनाव से निपटने में भी मदद करता है।
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