हावड़ा – पश्चिम बंगाल।
●हावड़ा में राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा का विपक्ष पर हमला
हावड़ा के शरत सदन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए भाजपा के राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था, बरूईपुर की घटना, अन्नपूर्णा योजना और आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
राहुल सिन्हा ने आरोप लगाया कि पहले माकपा (सीपीएम) और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में पश्चिम बंगाल में बम संस्कृति और गुंडागर्दी को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि राज्य में चारों ओर गुंडों का आतंक था और इन्हीं के माध्यम से आम लोगों को डराया-धमकाया जाता था। उनका दावा था कि इसी भय के कारण मतदाता स्वतंत्र रूप से मतदान नहीं कर पाते थे।
उन्होंने कहा कि राज्य को भयमुक्त, शांतिपूर्ण और विकास की राह पर ले जाने के लिए सरकार ने शुरुआत में ही ‘गुंडा दमन कानून’ पारित किया, जो अब लागू हो गया है। उनके अनुसार इस कानून का उद्देश्य राज्य से गुंडा राजनीति का पूरी तरह सफाया करना है, ताकि आम नागरिक बिना किसी डर के जीवन जी सकें और महिलाएं भी दिन-रात सुरक्षित महसूस करें।
बरूईपुर की घटना पर राहुल सिन्हा ने कहा कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि केवल स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि यदि जांच में किसी बड़े सीपीएम नेता की भूमिका सामने आती है तो उससे भी पूछताछ की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को बदनाम करने की कोशिश सफल नहीं होगी और दोषियों को जेल भेजा जाएगा।
अन्नपूर्णा योजना को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। जिन लोगों तक लाभ अभी नहीं पहुंचा है, वहां त्रुटियों को दूर कर उन्हें भी योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को भ्रामक प्रचार बताया।
आगामी नगर पालिका और नगर निगम चुनावों को लेकर राहुल सिन्हा ने दावा किया कि इन चुनावों में विपक्ष का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस नहीं और पुराने के बीच फंसी है, माकपा और कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति कमजोर हो चुकी है कांग्रेस का कोई अस्तित्व ही नहीं है तथा भारतीय जनता पार्टी ही प्रमुख राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरकर सामने आई है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के लोगों से जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी कारण दोनों वरिष्ठ नेता चुनाव से पहले भी बंगाल आते रहे हैं और चुनाव के बाद भी राज्य के विकास के लिए लगातार सक्रिय हैं।
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