संघमित्रा सक्सेना – कोलकाता – पश्चिम बंगाल।
मालदा जिला प्रशासन के तरफ से वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य है कि पश्चिम बंगाल के बॉर्डर क्षेत्र में जो गांव है उन्हें उन्नयन में शामिल करना। मालदा जिला प्रशासन की इस अनोखे परियोजना का नाम है “आमार ग्राम आमार कल्पना”। बता दे कि मालदा जिला स्थित मुचिया पंचायत के अंतर्गत आदमपुर गांव में, इस संदर्भ में, विशेष इंटरएक्टिव सेशन का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में रजनवीर सिंह कपूर (आईएएस तथा डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मालदा जिला), विधायक गोपाल चंद्र साहा, सहित विशिष्ट व्यक्ति कार्यक्रम में शामिल हुए।
●आमार ग्राम आमार कल्पना परियोजना क्या है?
दरअसल पश्चिम बंगाल के कुल 29 गांव बांग्लादेश सीमा पर है। इन सभी गांव को इनके उन्नयन और इनके जरूरत को पूरी करने के लिए “आमार ग्राम आमार कल्पना” परियोजना में शामिल किया जा रहा है। इसका मुख्य कारण है कि सीमा पर उपस्थित हर गाँव अपनी अपनी कार्यकुशलता जेसे विलेज एक्शन प्लान से आगे बढ़ सके।
●विलेज एक्शन प्लान में क्या शामिल है?
पश्चिम बंगाल सरकार के विलेज एक्शन प्लान में सभी सरकारी परियोजना, खास तौर पर गांव के उन्नयन के लिए बनाया गया है, उन्हें निश्चित करना ही इसका लक्ष्य है।
•आजीविका और कल्याण के अवसरों को बढ़ाना। यानी ज्यादा से ज्यादा कर्म संस्थान का व्यवस्था करना।
•सड़क व्यवस्था का उन्नयन करना।
•प्राकृतिक आपदा में सभी गांव के लोगों को सुरक्षा मुहैया कराना।
•सभी गांव को डिजिटल पड़ी सेवा से जोड़ना।
•इको टूरिज्म को बढ़ावा देना।
•लोकल को ऑपरेटिव समिति को मजबूत करना। जिससे स्थानीय लोगों का सामाजिक और इकोनॉमिक उन्नयन हो।
इस संदर्भ में रजनवीर सिंह कपूर (आईएएस तथा डीएम, मालदा) ने कहा कि इंटरएक्टिव सेशन से गांव के लोगों के साथ सरकारी अधिकारियों का सीधा संपर्क बनने से, आने वाले समय में उन्नयन के कार्यों में बढ़ोतरी आएगी। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी की सोच को सम्मानित करते हुए कार्यक्रम अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। जहां सीमा से लगे हुए गांव को देश के अंतिम नहीं बल्कि पहला दर्जा दी जा रही हैं। ताकि देश के बाकी गांव के साथ यहां उपस्थित सभी गांव आगे बढ़ सके। आमार ग्राम आमार कल्पना, एक नई सोच की शुरूआत हैं।
स्थानीय विधायक गोपाल चंद्र साहा ने कहा कि सीमा से लगे गांव को फिर से एक सूत्र में जोड़ने के लिए सरकार की यह परियोजना अनुकूल साबित हुआ हैं।
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