हावड़ा – पश्चिम बंगाल।
बारुईपुर की नाबालिग दुष्कर्म एवं हत्या मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि दुष्कर्म के आरोपियों का एनकाउंटर नहीं, बल्कि न्याय हमेशा कानून के दायरे में ही होना चाहिए।
विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि यदि भाजपा सत्ता में आती है तो ऐसे दुष्कर्मियों को अदालत नहीं भेजा जाएगा। उन्होंने कहा था, “सुबह पकड़ेंगे और शाम तक निपटा देंगे। सरकार योगी आदित्यनाथ और हिमंत बिस्वा शर्मा के दिखाए रास्ते पर चलेगी।” सत्ता परिवर्तन के बाद बारुईपुर में नाबालिग से दुष्कर्म और उसकी निर्मम हत्या की घटना सामने आई। घटना के मुख्य आरोपियों में से एक प्रभास मंडल अपराध की पुनर्निर्माण प्रक्रिया (रीकंस्ट्रक्शन) के दौरान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले हुई इस पुलिस एनकाउंटर को लेकर राज्यभर में बहस छिड़ गई।
घटना के लगभग एक महीने बाद शुक्रवार को हावड़ा में आयोजित राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई में शामिल होने पहुंचीं विजया रहाटकर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यह घटना बेहद भयावह और दर्दनाक थी। किसी भी लड़की के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। लेकिन यह भी आवश्यक है कि न्याय हमेशा विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत ही मिले। इस मामले में वास्तव में क्या हुआ, इसकी मुझे पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन मुझे विश्वास है कि पुलिस अपनी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है।”
उन्होंने आर.जी. कर अस्पताल की घटना पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उस घटना ने हम सभी को भीतर तक झकझोर दिया। पीड़िता के माता-पिता की पीड़ा को हम महसूस कर सकते हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग इस मामले को लेकर बेहद चिंतित है। घटना के बाद हमने सबसे पहले पुलिस अधिकारियों से चर्चा की और उसके बाद पीड़िता के माता-पिता की बात सीबीआई तक पहुंचाई।”
शुक्रवार को हावड़ा जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय स्थित ‘पथेर दाबी’ सभागार में राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई आयोजित की गई। आयोग के समक्ष पहले से 24 मामलों की सुनवाई निर्धारित थी। इसके अलावा 17 अन्य महिलाएं भी अपनी शिकायत लेकर पहुंचीं, जिनकी भी सुनवाई की गई। विजया रहाटकर ने कई महत्वपूर्ण मामलों की स्वयं सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
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