–संघमित्रा सक्सेना, कोलकाता – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
रविवार को कोलकाता स्थित नंदन में 11वी दुर्गापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का अंतिम पड़ाव आयोजित हुआ। 19 अगस्त से शुरू हुए फिल्म फेस्टिवल में देश और विदेश के कई फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई। इनमें से लगभग 70 फिल्म को पुरस्कृत करने के लिए चुना गया। फिल्म निर्माता द्युतिमान भट्टाचार्य के जैकल्स ऑफ़ माय बैकयार्ड, बांग्लादेश के निर्देशक जीवन शाहाबदत के संपर्क, म्यूजिक डायरेक्टर – कंपोजर तथा गीतकार कंचन केडी के म्यूजिक एल्बम ‘मिले तो सही’ सहित कुल 70 फिल्म और म्यूजिक एल्बम को पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा टॉलीवुड के 94वर्षीय वरिष्ठ अभिनेत्री मीता चट्टोपाध्याय को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। दुर्गापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के चेयरपर्सन काजूरी मोदक ने मंच पर उन्हें सम्मानित किया। वरिष्ठ अभिनेत्री मिता चट्टोपाध्याय ने कहा कि यह खुशी की मौका है। डीईएफएफ आगे बढ़े इसके लिए उन्होंने शुभकामनाएं भी दी।
काजरी मोदक ने इस विषय में कहा कि डीईएफएफ के मंच पर मिता चट्टोपाध्याय का आना हमारे लिए प्रेरणा है।
फिल्म फेस्टिवल में शामिल होने के लिए अनगिनत फिल्म आती है लेकिन फिल्म की सब्जेक्ट और उसकी सामाजिक वैल्यूज को देखते हुए, फिल्मों की चयन की जाती हैं। मेघ बनर्जी और सब्यसाची विश्वास दोनों इस फेस्टिवल में अनोखी भूमिका निभाई है। इन्होंने अपनी परख से उन फिल्मों को पुरस्कार के लिए मनोनीत की जो आने वाले समय में समाज को हर तरह से आगे लेकर जाएगी।
दुर्गापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के डायरेक्टर देबोलीना मोदक साधु ने मेघ बनर्जी और सब्यसाची विश्वास को उनके मेहनत लगन और टैलेंट के लिए उन्हें सम्मानित किया है। देबोलीना मोदक साधु ने कहा कि फिल्म बहुत बड़ी विषय है जिसे हम लोग पर्दे में उतरते हैं और समाज के सामने रखते हैं। यह हमारे प्रयास है और आगे भी हम इस पर काम करते रहेंगे। डायरेक्टर जीवन शाहाबदत के मूवी संपर्क में सुदीप मुखर्जी अपने सस्वर पाठ से सबको मंत्रमुग्ध कर दी। उनके आवाज के जादू को सिनेमा हॉल में बैठे दर्शकों ने तालियों से सम्मानित किया। टॉलीवुड अभिनेता सुदीप मुखर्जी ने कहा कि टेक्नोलॉजी जहां संपर्क में दूरी लेकर आया है, वही यह फिल्म बांग्लादेश के कवि तारेक महमूद की कविता के ऊपर दर्शाई गई है। जहां कवि की कथन को फिल्मों की परिभाषा दी गई और हम सिर्फ उनके लिखी पंक्ति को अपने लब्जों में सजाएं। इस विषय में बांग्लादेश के फिल्म निर्देशक जीवन शाहाबदत ने कहा कि छदबागान, नेमप्लेट की तरह संपर्क परिवार केंद्रिक फिल्म है, जहां रिश्ते की अहमियत को समझाने की कोशिश की गई हैं। दुर्गापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
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