हावड़ा – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
●भगदड़ में जान गंवाने वाली हावड़ा की युवती के परिवार को सौंपा 25 लाख रुपये का चेक, स्नातक युवती को ग्रुप-डी में नौकरी देने का आश्वासन
●मुख्यमंत्री ने कहा, भगदड़ में मारे गए सभी 18 लोगों के परिवारों से मिलकर हरसंभव मदद करेगी राज्य सरकार
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के दुर्गापूजा पंडाल में हाल में हुई भगदड़ में जान गंवाने वाली हावड़ा की युवती के परिवार से मंगलवार को मुलाकात कर उन्हें 25 लाख रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल आश्वासन देने में नहीं, बल्कि काम करने में विश्वास रखती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी उन्हें यही सिखाया है कि बात कम करो और काम ज्यादा।
पीड़ित परिवार को चेक सौंपने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाली युवती को वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन सरकार की ओर से परिवार के लिए जो कुछ संभव है, वह किया जाएगा। उन्होंने परिवार की एक स्नातक युवती को ग्रुप-डी के पद पर नौकरी देने की व्यवस्था करने की भी बात कही।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री राहत कोष से मिलने वाली दो लाख रुपये की सहायता राशि का चेक भी जिलाधिकारी के माध्यम से परिवार तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा परिवार को अन्नपूर्णा भंडार योजना और आयुष्मान कार्ड का लाभ दिलाने की पहल की जाएगी। परिवार को मानसिक संबल देने के लिए एक आशा कर्मी को उनके साथ जुड़े रहने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता गुड्डू झा को भी परिवार की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्थानीय पुलिस को प्रतिदिन परिवार के संपर्क में रहने के लिए कहा गया है।
•सभी 18 मृतकों के परिवारों से मिलेंगे मुख्यमंत्री
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भगदड़ में जान गंवाने वाले सभी 18 लोगों के परिवारों से वह व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करेंगे। मंगलवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में जाकर छह पीड़ित परिवारों को सहायता राशि के चेक सौंपे गए। बिहार के मुजफ्फरपुर में रहने वाले एक पीड़ित परिवार तक भी जिलाधिकारी के माध्यम से सहायता राशि पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
स्थानीय विधायक के मुलाकात के दौरान मौजूद नहीं रहने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। विधायक ने उन्हें संदेश भेजकर उनके क्षेत्र में आने की जानकारी मिलने और वहां उपस्थित रहने की इच्छा जताई थी। इस पर उन्होंने विधायक को पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी थी।
•टीएमसी पर साधा निशाना, भगदड़ पर राजनीति का आरोप
इस दौरान मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ”कौन विरोधी हैं, कौन टीएमसी? टीएमसी का तो न नाम बचा है, न निशान।” उन्होंने दावा किया कि पार्टी तीन धड़ों में बंट गई है। उन्होंने इन धड़ों को एनसीपीआई, डीटीएमसी और ममता टीएमसी की संज्ञा दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने काम नहीं किया, इसलिए जनता ने परिवर्तन का फैसला किया। उन्होंने दावा किया कि मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में बंगाली मुस्लिम मतदाताओं ने भी उन्हें वोट दिया है। उन्होंने हावड़ा के बांकरा क्षेत्र के मुस्लिम मतदाताओं से भी रेजीनगर के चुनावी रुझान से सीख लेने की बात कही।
भगदड़ की घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश से फर्जी पोस्ट के जरिये हादसे में 70 लोगों की मौत होने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के करीबी बांग्लादेशी जमात से जुड़े लोग भी इस घटना को लेकर चिंतित हैं।
उन्होंने कहा कि वह राजनीतिक विरोधियों से निपटने में सक्षम हैं। हालांकि, पीड़ित परिवारों की सहायता को उन्होंने सरकार की प्राथमिकता बताया।
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