हावड़ा – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
●अस्तित्व पर मंडराया संकट
●बुनियादी सुविधाओं का अभाव
दक्षिण हावड़ा में स्थित हिंदू बच्चों का कब्रिस्तान आज बदहाली का शिकार है। उचित देखरेख और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में इस कब्रिस्तान का अस्तित्व धीरे-धीरे संकट में पड़ता दिखाई दे रहा है। एक ओर राज्य सरकार की ओर से अन्य कब्रिस्तानों और श्मशान घाटों के सौंदर्यीकरण एवं आधुनिकीकरण का काम किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह कब्रिस्तान लंबे समय से उपेक्षा का शिकार बना हुआ है।
वार्ड कांग्रेस के नेता अमित कुमार ने बताया कि पिछले कई वर्षों से इस कब्रिस्तान की स्थिति बेहद खराब है। यहां तक पहुंचने के लिए न तो समुचित रास्ते की व्यवस्था है और न ही पर्याप्त रोशनी की। साफ-सफाई की स्थिति भी चिंताजनक है। आलम यह है कि जब भी कोई व्यक्ति यहां आता है, तो उसे अंधेरे में टॉर्च या अन्य रोशनी के सहारे अपना काम करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि कब्रिस्तान के आसपास झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की स्थिति भी काफी दयनीय है। वहीं, परिसर में बड़े-बड़े पेड़ और घनी झाड़ियों के उग आने से पूरा इलाका डरावना नजर आता है। उचित रखरखाव नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अमित कुमार ने इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद अधिकारियों ने कब्रिस्तान का निरीक्षण किया और जल्द ही समस्या पर विचार कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
अब देखना यह है कि अधिकारियों का यह आश्वासन कब धरातल पर उतरता है और दक्षिण हावड़ा के इस उपेक्षित कब्रिस्तान की स्थिति में कब सुधार होता है।
Baat Hindustan Ki Online News Portal