हावड़ा – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्कता और प्रतिबद्धता दिखाते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की शालीमार पोस्ट की टीम ने बाल तस्करी के खिलाफ विशेष जांच अभियान के दौरान दो नाबालिग लड़कों को सुरक्षित बचाया। यह कार्रवाई 4 नवंबर को शालीमार रेलवे स्टेशन पर की गई।
जानकारी के अनुसार, प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर दोपहर करीब 12 बजे नियमित गश्त और जांच के दौरान आरपीएफ की टीम ने दो नाबालिग लड़कों को संदिग्ध अवस्था में इधर-उधर घूमते देखा। पूछताछ करने पर दोनों ने बताया कि उनकी उम्र क्रमशः 14 और 16 वर्ष है तथा वे पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के रहने वाले हैं। दोनों अपने माता-पिता को बिना बताए घर से निकल आए थे।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे रोजगार की तलाश में ट्रेन संख्या 17066 (चार्लापल्ली-अमृत भारत एक्सप्रेस) से समालकोट जाने की योजना बना रहे थे।
दोनों की शोषण अथवा मानव तस्करी का शिकार होने की आशंका को देखते हुए आरपीएफ जवानों ने तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित बचाया। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताओं और आगे की कार्रवाई के लिए उन्हें शालीमार आरपीएफ पोस्ट लाया गया।
बाद में निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोनों नाबालिगों को उचित देखभाल, सुरक्षा और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया।
आरपीएफ खड़गपुर मंडल की इस त्वरित कार्रवाई से रेलवे परिसरों में बाल तस्करी रोकने तथा असुरक्षित बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति उसकी सतर्कता और प्रतिबद्धता जाहिर होती है।
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