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बीएसएफ ने आईसीपी पेट्रापोल पर 8.88 लाख रूपये के डेंगू परीक्षण किट के साथ दो बांग्लादेशी यात्रियों को पकड़ा

Sonu jha

जिला-उत्तर 24 परगना: दिनांक 10 अगस्त, 2023 को तस्करी के प्रयास को विफल करते हुए दो अलग-अलग घटनाओं में, दक्षिण बंगाल सीमांत के अंतर्गत आईसीपी पेट्रापोल, 145 वीं वाहिनी के सतर्क जवानों ने 02 बांग्लादेशी तस्करों को 2,470 यूनिट डेंगू परीक्षण किट के साथ पकड़ा जिनकी अनुमानित कीमत 8,88,252/- रुपये है। तस्कर इस सामान को भारत से बांग्लादेश में पार करने की फिराक में थे।

 

प्रथम घटना में आईसीपी पेट्रापोल, 145 वीं वाहिनी के जवानों ने लगभग 1320 बजे, पुख्ता खबर के आधार पर एक संदिग्ध बांग्लादेशी यात्री को यात्री टर्मिनल पर तलाशी के लिए रोका और पूछताछ की। तलाशी के दौरान उसके भारी बैगों से 2,430 यूनिट डेंगू परीक्षण किट बरामद किये। पूछताछ करने पर यात्री उक्त सामान के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। तत्पश्चात, बीएसएफ जवानों ने सामान जब्त कर लिया और यात्री को मौके पर ही पकड़ लिया।

 

पूछताछ के दौरान, उसने अपनी पहचान मोहम्मद अकरम हुसैन, पिता शेख अब्दुस सलाम, गाँव रोमाटबाग, जिला ढाका, बांग्लादेश के रूप में बताई। इसके अलावा, उसने खुलासा किया कि वह ढाका के पलटन बाजार में एक सर्जिकल दुकान में अकाउंटेंट के रूप में काम करता है। सर्जिकल दुकान के मालिक सुहाग नाम के एक बांग्लादेशी व्यक्ति ने उसे भारत से बांग्लादेश में डेंगू किट की तस्करी करने के लिए संपर्क किया। इसके बदले उसे प्रत्येक किट के लिए 15 बांग्लादेशी टका कमीशन के रूप में मिलना था। इसके लिए वह सहमत हो गया और दो दिन पहले आईसीपी पेट्रापोल के माध्यम से भारत में आया। भारत में आकर उसने दमदम, कोलकाता निवासी बिमल पोद्दार से ये डेंगू किट प्राप्त किये थे। लेकिन आईसीपी पेट्रापोल पर बीएसएफ जवानों ने उसे सामान समेत वहीं पकड़ लिया।

 

इसके अलावा एक और अन्य घटना में आईसीपी पेट्रापोल पर नियमित यात्री जांच के दौरान जवानों ने एक और बांग्लादेशी यात्री को 40 यूनिट डेंगू परीक्षण किट के साथ पकड़ा।

 

पूछताछ के दौरान, उसने अपनी पहचान अब्दुल करीम, पिता मो. खालीलुर रहमान, गांव ताउपिसे डेंगा, जिला जेसोर बांग्लादेश के रूप में बताई। उसने खुलासा किया कि उन्होंने यह दवा बनगांव की एक स्थानीय मेडिकल की दुकान से खरीदी थी। आगे उसने बताया कि बेनापोल, बांग्लादेश में पहुंचने के बाद, वह ये सामान सैफुल इस्लाम निवासी विल बेनापोल, जिला जेसोर, बांग्लादेश को सौंपने वाला था। सफलतापूर्वक दवा पहुंचाने के बाद उसे सैफुल इस्लाम से 4000 बांग्लादेशी टका मिलना था।

 

पकड़े गए तस्करों और जब्त किए गए सामान को कस्टम ऑफिस पेट्रापोल को सौंप दिया गया है।

 

बीएसएफ दक्षिण बंगाल सीमांत के जनसंपर्क अधिकारी श्री ए के आर्य, डीआईजी ने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी रोकने के लिए बीएसएफ सख्त कदम उठा रही है। इसके चलते ऐसे अपराध में शामिल लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आगे अधिकारी ने कहा कि बीएसएफ किसी भी सूरत में अपने इलाके से तस्करी नहीं होने देगी।

 

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