हावड़ा – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
हावड़ा के आंदुल के मौड़ी इलाके में बुधवार दोपहर एक बहुमंजिला आवासीय भवन में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। उत्तरायण अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल स्थित एक फ्लैट में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों के साथ पूरे इलाके में घना काला धुआं फैल गया।
आग की सूचना मिलते ही दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर आग बुझाने का काम शुरू किया। दमकल कर्मियों और पुलिस ने इमारत के अलग-अलग फ्लैटों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। धुएं और गैस के कारण कुछ लोगों की तबीयत अस्थायी रूप से बिगड़ने की भी जानकारी सामने आई है।
दमकल कर्मियों ने तीसरी मंजिल के एक फ्लैट की तलाशी के दौरान एक वृद्ध महिला को गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में बरामद किया। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान 66 वर्षीय गोपा मुखोपाध्याय के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने के समय वह फ्लैट के अंदर ही फंस गई थीं।
घटना की सूचना मिलते ही डोमजुड़ थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची। स्थानीय कुछ युवकों ने भी शुरुआत में पुलिस और दमकल को सूचना देने में तत्परता दिखाई। पुलिस के अनुसार, समय रहते कार्रवाई होने के कारण आग को और अधिक फैलने से रोकना संभव हुआ।
हावड़ा सिटी पुलिस के डीसी (साउथ) गणेश विश्वास ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल और डोमजुड़ थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। एक महिला की मौत हुई है। आग किस वजह से लगी, यह अभी निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की संभावना की जांच की जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने गैस सिलेंडर से लीकेज की आशंका भी जताई है। हालांकि, आग लगने का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। जरूरत पड़ने पर फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया जाएगा।
इस घटना के बाद आवासीय भवन की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भवन में पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा, केवल एक सीढ़ी होने के कारण आग लगने के बाद लोगों को बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। आपातकालीन लॉबी या अलग निकास द्वार नहीं होने को लेकर भी लोगों में नाराजगी है।
डोमजुड़ के बीडीओ अभिराज मिश्रा ने बताया कि आग लगने के समय एक बुजुर्ग महिला फ्लैट के अंदर मौजूद थीं, जिनकी मौत हो गई। हालांकि, बाकी सभी निवासी सुरक्षित हैं। फिलहाल उन्हें पास के एक क्लब में रखा गया है, जहां उनके लिए आवश्यक राहत और सहायता की व्यवस्था की जा रही है।
बीडीओ ने बताया कि स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित हिस्से में लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। बाद में आवश्यक जांच और व्यवस्था पूरी होने के बाद ही वहां रहने को लेकर निर्णय लिया जाएगा। साथ ही, भवन के रखरखाव और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा रही है कि वे ठीक से काम कर रहे थे या नहीं।
फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के वास्तविक कारण के साथ-साथ अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन, रखरखाव में संभावित लापरवाही और आपातकालीन स्थिति में अग्निशमन व्यवस्था के काम नहीं करने के कारणों की जांच कर रहे हैं।
इस भयावह अग्निकांड में वृद्ध महिला की मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
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