उलूबेड़िया – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।
श्यामपुर के कमलपुर ग्राम पंचायत में तृणमूल कांग्रेस का बोर्ड टूट गया है। हाल ही में इस ग्राम पंचायत के प्रधान और उपप्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। गुरुवार को अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष और विपक्ष में मतदान हुआ।
इस दौरान 21 सदस्यों में से 12 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जिसके परिणामस्वरूप तृणमूल कांग्रेस का बोर्ड गिर गया। हालांकि, मतदान के दौरान प्रधान, उपप्रधान समेत तृणमूल के 9 सदस्य अनुपस्थित रहे।
सूत्रों के अनुसार, बहुत जल्द यहां भाजपा का बोर्ड गठित हो सकता है।
जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2023 के पंचायत चुनाव में कमलपुर ग्राम पंचायत की 21 सीटों में से तृणमूल कांग्रेस ने 15 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा के खाते में 6 सीटें गई थीं। तृणमूल कांग्रेस की मधुमिता मैती प्रधान बनी थीं और अली असगर उपप्रधान चुने गए थे।
हालांकि, वर्ष 2026 में राज्य में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से राजनीतिक परिस्थितियां बदलने लगीं। विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान और उपप्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने लगे। इसी क्रम में हाल ही में भाजपा की ओर से कमलपुर ग्राम पंचायत के प्रधान और उपप्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था।
गुरुवार को मतदान के दिन भाजपा के सभी 6 सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के 6 अन्य सदस्य भी मतदान में शामिल हुए। इन सभी ने भाजपा द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। इस प्रकार अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में कुल 12 वोट पड़े और तृणमूल कांग्रेस का पंचायत बोर्ड गिर गया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जल्द ही नए प्रधान और उपप्रधान के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हावड़ा ग्रामीण जिला भाजपा के महासचिव रमेश साधुखां ने कहा कि डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों में शामिल होने के लिए लोग पंचायतों में भाजपा की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसी के मद्देनजर कमलपुर में भी बदलाव होने जा रहा है।
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