Breaking News

कौशिकी अमावस्या पर दक्षिणेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, माँ भवतारिणी के दर्शन को हजारों भक्तों की भीड़

दक्षिणेश्वर – कोलकाता – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की।

कौशिकी अमावस्या यानी तारा रात्रि के अवसर पर गुरुवार, 10 सितंबर को दक्षिणेश्वर काली मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त माँ भवतारिणी के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना के लिए मंदिर परिसर में पहुंचते नजर आए।

भाद्र महीने की अमावस्या को कौशिकी अमावस्या या तारा रात्रि के रूप में माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन देवी कौशिकी का प्राकट्य हुआ था। इसी वजह से इस रात को साधना और सिद्धि के लिए विशेष माना जाता है।

कौशिकी अमावस्या के मौके पर दक्षिणेश्वर मंदिर में माँ भवतारिणी की विशेष निशि पूजा की परंपरा है। माँ को लाल गुड़हल, लाल कमल, सिंदूर और अलता अर्पित कर पूजा की जाती है। दक्षिणेश्वर में पशु बलि की परंपरा नहीं है।

इस विशेष अवसर पर मंदिर में सुबह मंगला आरती से ही धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। दोपहर में माँ का राजभोग भी लगाया गया, जिसमें खिचड़ी, पुलाव, मछली और पायस सहित विभिन्न प्रकार के भोग शामिल रहे।

रात में होने वाली विशेष पूजा को लेकर भी मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीवी निगरानी, अलग प्रवेश और निकास व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के लिए स्काईवॉक के जरिए कतार की व्यवस्था की गई है।

मान्यता है कि कौशिकी अमावस्या की रात माँ भवतारिणी से सच्चे मन से प्रार्थना करने पर भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। दक्षिणेश्वर का पंचवटी क्षेत्र भी साधना की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां श्री रामकृष्ण परमहंस ने साधना की थी।

आज दक्षिणेश्वर में दिखाई दे रहा आस्था का यह जनसैलाब बताता है कि कौशिकी अमावस्या बंगाल की धार्मिक और सांस्कृतिक भावना से कितनी गहराई से जुड़ी हुई है। माँ तारा और माँ भवतारिणी को एक ही शक्ति के रूप में मानने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह रात विशेष आस्था और भक्ति का पर्व है।

About editor

Check Also

घुसूड़ी में शहीद भगत सिंह का जन्म दिवस मनाया गया

हावड़ा – पश्चिम बंगाल, बात हिन्दुस्तान की। 28 सितम्बर 1907 को भारत के एक महान …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *